
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला में रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. राघव पर हुए कथित हमले को लेकर ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) नई दिल्ली की रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA AIIMS) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। आरडीए एम्स ने इस घटना को क्रूर और चौंकाने वाला हमला बताते हुए इसकी तीव्र निंदा की है।
आरडीए एम्स ने कहा कि ड्यूटी के दौरान डॉक्टरों के साथ हिंसा किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है और यह अत्यंत चिंताजनक है। संगठन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कटी-छँटी और भ्रामक वीडियो क्लिप पर भी गंभीर आपत्ति जताई है, जिसमें कथित तौर पर घटना का महत्वपूर्ण हिस्सा हटाकर दिखाया गया है। आरडीए के अनुसार, इस वीडियो में डॉ. राघव द्वारा आत्मरक्षा में की गई स्वाभाविक प्रतिक्रिया को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया, जिससे पीड़ित डॉक्टर को ही हमलावर के रूप में पेश किया जा रहा है।
आरडीए एम्स ने मांग की है कि हमले में शामिल सभी व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाए, साथ ही भ्रामक सामग्री फैलाने वालों पर भी कार्रवाई हो। संगठन ने यह भी आग्रह किया है कि डॉ. राघव को तत्काल ड्यूटी पर बहाल किया जाए। यदि उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज किया गया है तो उसकी निष्पक्ष, पारदर्शी और बिना पक्षपात के जांच की जाए तथा आरोप निराधार पाए जाने पर उन्हें तुरंत वापस लिया जाए।
आरडीए एम्स ने स्पष्ट किया कि आत्मरक्षा में कार्रवाई करने वाले किसी भी डॉक्टर को दंडित नहीं किया जाना चाहिए। संगठन ने डॉ. राघव के साथ पूर्ण एकजुटता जताते हुए देशभर के चिकित्सा पेशेवरों की गरिमा, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

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