सोलन,बाहरा विश्वविद्यालय ने देशभर में आयोजित अपने सफल एजुकेशन पार्टनर्स कॉन्क्लेव की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए इस बार हिमाचल प्रदेश में शिक्षा सहयोगी सम्मेलन का सफल आयोजन किया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि अपने प्रदेश और अपनी जड़ों के प्रति उसकी मजबूत प्रतिबद्धता का प्रतीक है।इस सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश के शिक्षा सलाहकारों, प्रवेश सहयोगियों और एजुकेशन पार्टनर्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी का एक ही उद्देश्य था हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक योग्य विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर पहुँचाना।
इस अवसर पर रयात बाहरा ग्रुप के चेयरमैन सरदार गुरविंदर सिंह बाहरा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने इस सम्मेलन को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया। उन्होंने शिक्षा सहयोगियों के साथ संवाद करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और संस्थान की प्रतिबद्धता पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव है।
बाहरा विश्वविद्यालय इससे पहले देश के कई राज्यों में शिक्षा सहयोगी सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित कर चुका है, लेकिन हिमाचल प्रदेश में आयोजित यह सम्मेलन विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा। यह विश्वविद्यालय की अपने राज्य के विद्यार्थियों, अभिभावकों और समाज के प्रति जिम्मेदारी को और अधिक मजबूत करने वाला कदम है।यहाँ उपस्थित शिक्षा सहयोगी वही लोग हैं जो दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों तक पहुँचकर विद्यार्थियों और उनके परिवारों को सही मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। वे न केवल प्रवेश प्रक्रिया में सहायता करते हैं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस सम्मेलन का सबसे महत्वपूर्ण भाग खुला संवाद सत्र रहा, जहाँ बाहरा विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों और शिक्षा सहयोगियों के बीच खुलकर चर्चा हुई। इस दौरान विश्वविद्यालय के सभी पाठ्यक्रमों, शुल्क संरचना, छात्रवृत्ति योजनाओं, आर्थिक सहायता, रोजगार के अवसरों, प्लेसमेंट रिकॉर्ड, परिसर जीवन तथा आधुनिक सुविधाओं पर विस्तार से जानकारी साझा की गई।इस संवाद का उद्देश्य था कि शिक्षा सहयोगियों को प्रत्येक आवश्यक जानकारी स्पष्ट रूप से प्राप्त हो, ताकि वे विद्यार्थियों और अभिभावकों को पूरी निष्ठा और विश्वास के साथ सही परामर्श दे सकें।
बाहरा विश्वविद्यालय के शिक्षा सहयोगी केवल प्रवेश सलाहकार नहीं हैं, बल्कि हजारों परिवारों के विश्वसनीय मार्गदर्शक हैं। हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य में, जहाँ माता-पिता अपने बच्चों की शिक्षा को सबसे बड़ा सपना मानते हैं, वहाँ ये सहयोगी उनके लिए पहली आशा और पहला विश्वास बनते हैं।
विश्वविद्यालय ने इस सम्मेलन के माध्यम से उनके समर्पण, परिश्रम और योगदान का सम्मान किया तथा यह विश्वास दिलाया कि बाहरा विश्वविद्यालय हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा और उन्हें हर आवश्यक सहयोग प्रदान करता रहेगा।
बाहरा विश्वविद्यालय के वाइस प्रेसीडेंट विकास बत्रा ने कहा, “हमारे शिक्षा सहयोगियों ने देश के विभिन्न हिस्सों से लेकर हिमाचल प्रदेश के दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों तक हमारे उद्देश्य और दृष्टि को ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ आगे बढ़ाया है। आज का दिन उसी विश्वास, सहयोग और साझेदारी का उत्सव है। हिमाचल प्रदेश केवल प्राकृतिक सुंदरता का प्रदेश नहीं, बल्कि एक ऐसी युवा पीढ़ी का घर है जो बड़े सपने देखती है। बाहरा विश्वविद्यालय का मानना है कि भौगोलिक परिस्थितियाँ कभी भी किसी विद्यार्थी की महत्वाकांक्षा के मार्ग में बाधा नहीं बननी चाहिए।
आज का यह सम्मेलन इसी सोच की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, जिसने विश्वविद्यालय को विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षा सहयोगियों के और अधिक निकट लाने का कार्य किया।


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