शिमला प्रदेश के दो प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थान आईजीएमसी शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा में शाम के समय ओपीडी सेवाएं शुरू करने के प्रस्ताव का चिकित्सकों ने विरोध किया है। डॉक्टरों ने अपनी आपत्तियां और सुझाव संस्थानों के प्रिंसिपलों के माध्यम से राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचा दिए हैं तथा अब अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।
राज्य सरकार का मानना है कि सुबह की ओपीडी में बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए शाम की ओपीडी शुरू करने से लोगों को राहत मिलेगी और लंबी कतारों की समस्या कम होगी। वहीं चिकित्सकों का कहना है कि वे पहले से ही ओपीडी, आपातकालीन सेवाओं, वार्ड ड्यूटी, ऑपरेशन, शिक्षण और प्रशासनिक कार्यों का दायित्व निभा रहे हैं। ऐसे में अतिरिक्त ओपीडी शुरू होने से कार्यभार और बढ़ जाएगा।
डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि यदि शाम की ओपीडी लागू करनी है तो अतिरिक्त चिकित्सकों और सहायक स्टाफ की नियुक्ति भी आवश्यक है। उनका कहना है कि पर्याप्त संसाधनों के बिना इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करना संभव नहीं होगा। चिकित्सक संगठन ने भी संकेत दिए हैं कि सरकार के अंतिम निर्णय के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। अब स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सकों के बीच सहमति बनने पर ही इस नई व्यवस्था का भविष्य निर्भर करेगा।

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