शिमला 12 अक्तूबर। रविवार को जिला शिमला के शोधी खंड में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों द्वारा संघ शताब्दी वर्ष और विजयदशमी के उपलक्ष में एकत्रीकरण और पथ संचलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम शोधी के थड़ी खेल मैदान में आयोजित हुआ.
मुख्य वक्ता कुलदीप जी ने अपने उद्ृबोधन में कहा कि आज का दिन विशेष महत्व का है, क्योंकि हम विजयदशमी का पावन पर्व, संघ स्थापना दिवस और संघ की शताब्दी वर्षगांठ तीनों का उत्सव एक साथ मना रहे हैं। उन्होंने संघ की स्थापना, संघर्ष और विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संघ व्यक्ति निर्माण से प्रारंभ होकर समाज संगठन की दिशा में आगे बढ़ा और आज राष्ट्र निर्माण की धारा में एक महत्वपूर्ण शक्ति बन चुका है। उन्होंने शक्ति पूजन और शस्त्र पूजन की परंपरा को भी स्पष्ट करते हुए कहा कि शक्ति के बिना शस्त्र और शस्त्र के बिना शक्ति अधूरी है, शस्त्र पूजन समर्पण का प्रतीक है और शक्ति संपूर्ण ब्रह्मांड की आधारशिला है।
अपने उद्बोधन में उन्होंने संघ के पंच परिवर्तन विषयों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि सामाजिक समरसता, स्व का भाव, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य ऐसे विषय हैं जिन्हें जीवन में उतारकर हम राष्ट्र को परम वैभव की ओर अग्रसर कर सकते हैं। उन्होंने उपस्थित सभी स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे पंच परिवर्तन के इन विषयों को अपने आचरण और व्यवहार में अपनाकर उन पर सतत कार्य करने का संकल्प लें तथा राष्ट्र को उन्नति की दिशा में ले जाने में अपना योगदान दें। यह आयोजन संघ के अनुशासन, समाजसेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का प्रेरणादायी प्रतीक रहा। कार्यक्रम की कुल संख्या 177 रहे, पूर्ण गणवेश में स्वयंसेवक की संख्या 131 रही l कार्यक्रम के पश्चात भोजन की व्यव्स्था भी थी l
इस अवसर पर श्रीमान कृष्ण कुमार जी (सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, कुलदीप जी विभाग प्रचार प्रमुख, अजय सूद जी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
संघ शताब्दी वर्ष एवं विजयदशमी पर शोधी में भव्य पथ संचलन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का खण्ड एकत्रीकरण: अनुशासन और समरसता का संदेश l

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