शिमला :जिले में जंगली जानवरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। जंगली जानवर अब घरों से भी छोटे बच्चो को उठा कर ले जाने लगे है। राजधानी में भी इस तरह का मामला सामने आया है ताजा मामले में।
कनलोग के पास हौंडा शोरूम के साथ ढारे में रहने वाले बिहारी मजदूर की 5 साल की बच्ची तेंदुए उठा कर ले गया है । लोगो ने जब हल्ला किया तब वहां लोगो ने मामले की शिकायत पुलिस को की । सूचना मिलते ही
थाना न्यू शिमला से पुलिस की टीम मोके पर पहुंची तथा थाना सदर से भी पुलिस की टीम मोके पर पहुंची । पुलिस ने वाइल्डलाइफ को भी सूचित कर दिया गया है।
राजधानी में इस तरह की यह पहली घटना है जब घर से किसी बच्चे को तेंदुआ उठा कर ले गया हो ।
बीते महीने कृष्णा नगर में एक ब्यक्ति के घर मे तेंदुआ घुस गया था जहाँ उसने एक ब्यक्ति को घायल कर दिया था। वन विभाग को भी इस बारे सूचना दी गयी थी लेकिन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए कोई कदम नही उठाया और अब नतीजन कनलोग से एक 8 साल के बच्चे को तेंदुआ उठा कर ले गया।
इससे पहले तेंदुए के घर मे कुत्ते को उठा के ले जाने का मामला आ चुका है । वही लोगो को सड़कों पर भी तेंदुआ दिन दिहाड़े दिखाई दिया है।
कनलोग में बच्चे को तेंदुएं द्वारा उठा कर ले जाने के बाद लोगो मे दहशत फैल गयी है।
पुलिस ने सूचना मिलते ही अपने जवानों को बच्चे को ढूंढने के लिए भेज दिया है।
स्थानीय लोग व पुलिस बच्चे को झाड़ियों ओर जंगल मे ढूंढ रहे।है।
वही लोगों में भी डर का माहौल है कि उनका उसी रास्ते से देर शाम आना जाना रहता है ।अगर उनके साथ कोई हादसा हो सकता है।
।गौरतल है कि राजधानी शिमला शहर में अब तेंदुआ सड़को पर दिखना आम हो गया है। कभी सँजोली,कभी छोटा शिमला कभी समरहिल के रास्ते मे स्थानीय लोगो को कई बार दिख चुके है।


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