September 6, 2026

आईआईए हिमाचल चैप्टर के चेयरपर्सन बने आर्किटेक्ट मनुज शारदीय, 2026–28 के लिए निर्विरोध चुने गए, नई टीम ने पेश की पेशेवर वास्तुकला को मजबूत करने की प्रतिबद्धता

 

शिमला। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स (IIA) के हिमाचल प्रदेश चैप्टर के वर्ष 2026–28 के लिए नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है। आर्किटेक्ट मनुज शारदीय को चैप्टर का चेयरपर्सन निर्विरोध चुना गया है।

नई कार्यकारिणी में आर्किटेक्ट सुशील शर्मा को वाइस चेयरपर्सन, आर्किटेक्ट नीरज रघुवंशी को ऑनरेरी ट्रेजरर तथा आर्किटेक्ट विजय ठाकुर और आर्किटेक्ट अभिनव कौंडल को ज्वाइंट ऑनरेरी सेक्रेटरी चुना गया है।

नई एग्जीक्यूटिव कमेटी में आर्किटेक्ट अश्वनी कालिया, आर्किटेक्ट लेख राज, आर्किटेक्ट राजेश कुमार, आर्किटेक्ट राजिंदर कुमार धीमान, आर्किटेक्ट रेखा कौंडल, आर्किटेक्ट सलोचना धीमान, डॉ. संदीप शर्मा और डॉ. सतीश कुमार कटवाल शामिल हैं।

आर्किटेक्ट मनुज शारदीय को वास्तुकला के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का पेशेवर अनुभव है। वे आईआईए हिमाचल चैप्टर से लंबे समय से जुड़े रहे हैं और संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। हिमाचल प्रदेश में आर्किटेक्चर और हिल डेवलपमेंट के क्षेत्र में भी उनका व्यापक अनुभव रहा है।

निर्विरोध चुने जाने के बाद आर्किटेक्ट मनुज शारदीय ने कहा, “मैं चैप्टर के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने मुझ पर विश्वास जताया है। यह केवल एक पद नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश की आर्किटेक्चरल बिरादरी के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी है। आईआईए की असली ताकत उसके सदस्यों की सामूहिक भागीदारी और सहयोग में है। हमारा प्रयास रहेगा कि चैप्टर को और अधिक सक्रिय, मजबूत और सभी आर्किटेक्ट्स के लिए उपयोगी बनाया जाए।”

उन्होंने कहा कि नई टीम का मुख्य फोकस प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के आर्किटेक्ट्स को चैप्टर से जोड़ना, प्रोफेशनल डेवलपमेंट के अवसर बढ़ाना, नॉलेज शेयरिंग और सहयोग को बढ़ावा देना तथा युवा आर्किटेक्ट्स को बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाना रहेगा।

इसके साथ ही सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों और अन्य संबंधित संस्थानों के साथ रचनात्मक एवं सकारात्मक संवाद को भी प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि हिमाचल प्रदेश में आर्किटेक्चर और बिल्ट एनवायरनमेंट से जुड़े विषयों पर बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।

नई टीम ने सामूहिक रूप से कार्य करते हुए आर्किटेक्ट्स के पेशेवर हितों को मजबूत करने, आईआईए की संस्थागत भूमिका को प्रभावी बनाने तथा हिमाचल की भौगोलिक और पर्यावरणीय परिस्थितियों के अनुरूप बेहतर एवं जिम्मेदार आर्किटेक्चरल प्रैक्टिस को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई।

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