शिमला।राजधानी शिमला में बर्फबारी से जन-जीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है।बर्फबारी के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।वहीं, शिमला में रविवार की रात एक बार फिर हिमपात हुआ है।सुबह-सवेरे राजधानी पूरी तरह से सफेद चादर में लिपटी नजर आई।बर्फबारी के चलते वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है।
सुबह से सड़कों से बर्फ हटाने का काम शुरू हो गया है लेकिन सड़कों पर फिसलन की वजह से गाड़ियां नहीं चल पाई।वहीं, लोगों को अपने कार्यालयों तक का सफर पैदल ही तय करना पड़ा।बता दें बर्फ से फिसलन के कारण शहर की सभी सड़कें बंद पड़ी थी लेकिन दोपहर बाद गाड़ियां चलनी शुरू हो गयी थी। शिमला में आधा फुट से ज्यादा बर्फबारी हुई है। बर्फबारी के चलते सुबह रोजमर्रा की चीजें दूध ब्रेड भी देरी से पहुंचे। वहीं, ऊपरी शिमला कुफरी में एक फुट बर्फ गिरी है। सोमवार की सुबह से राजधानी में धूप खिली है और शिमला का नजारा काफी खूबसूरत बना हुआ है।शिमला पूरी तरह से सफेद चादर में लिपटा हुआ है। पर्यटक भी सुबह ही होटलों से बाहर आकर रिज मैदान पर बर्फ के साथ मस्ती करते नजर आए।रिज मैदान पर मशीनों से हटाई गई बर्फ दो-तीन जगह ढेर लगाकर रख दी है।बर्फ के ये पहाड़नुमा ढेर कई दिन तक सैलानियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बने रहेंगे।सैलानियों ने बर्फ के पहाड़नुमा ढेर के आसपास काफी मस्ती की और फोटोग्राफी की।बर्फ से लकदक हुई जाखू की पहाड़ी देखकर भी सैलानी रोमांचित दिखे और इन नजारों को कैमरे में कैद करते नजर आए।बर्फबारी से पर्यटक जहां खुश है।वहीं, आम लोगों के लिए ये बर्फबारी परेशानी का सबब बन गई है।ऊपरी क्षेत्रों में यातायात ठप है।

More Stories
अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक 13-15 मार्च को समालखा में हुईं सम्पन्न, हिमाचल प्रांत से 21 कार्यकर्ताओं सहित देशभर से कुल 1,438 कार्यकर्ता शामिल हुए।
विश्वविद्यालय शिक्षकों की लंबित मांगों पर संघर्ष का ऐलान, शिक्षक कल्याण संघ बोला– मांगें पूरी न हुईं तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन होगा
कमलपुर प्रेहती में पेयजल संकट: एक महीने से नहीं आ रहा पानी