शिमला:हिमाचल प्रदेश में। स्क्रब टायफस सक्रिय हो गया और मौतें होना भी शुरू हो गई है। आई.जी.एम.सी. में मंडी निवासी 19 साल की लड़की ने दम तोड़ा है। यह युवती स्क्रब टायफस बीमारी से ग्रसित होने के बाद आईजीएमसी में दाखिल थी।
हिमाचल में इस साल की यह पहली मौत है। वहीं इस बार अभी तक प्रदेश में 200 अधिक स्क्रब के मामले सामने आ चुके है। यहां पर सबसे बड़ी बात यह है कि अभी कोरोना से मौतें व संक्रमितों का आना जारी है, लेकिन अब स्क्रब ने लोगों की चिताएं बढ़ा दी है। यहां तक चिकित्स का मानना है कि स्क्रब टायफस पीछले साल की अपेक्षा इस बार काफी तेजी से फैल रहा है। अगर लोगों द्वारा लापरवाही बरती तो स्क्रब काफी लोगों की जान ले सकता है। वैसे हर साल स्क्रब टायफस से मौतें होती है। अगर यहां पर लोगों द्वारा लापरवाही बरती तो कोरोना व स्क्रब से निपटना एक चुनौति बन सकता है। तीसरी लहर में कोरोना भी अब तेजी से फैल रहा है। इन दिनों 150 से अधिक रोजाना ही कोरोना के मामले आ रहे है। वहीं अब स्क्रब टायफस के मामले भी लगातार आ रहे है। प्रदेश में 15 जून से 15 अक्टूबर तक बरसात का मौसम रहता है। इस दौरान किसानों को अपने खेत में भी काम पर जाना पड़ता है अगर इस दौरान किसान सावधानी से काम नही करेंगे तो जानलेवा बीमारी स्क्रब टायफस से ग्रस्त हो जाएंगे। हिमाचल के सबसे बढ़े अस्पताल आई.जी.एम.सी. की अगर बात की जाए तो इस साल अब तक 90 से अधिक मरीज स्क्रब टायफस से ग्रसित होकर पहुंचे है। रोजाना आ रहे स्क्रब के मामलों के चलते स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना के साथ इसे भी सर्तकता बरतने के निर्देश दिए है। ताकि इन जानलेवा बीमारी से बचा जा सके। बरसात के दिनों में जलजनीत बीमारियों का भी अधिक फैलती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सर्तक रहने की सलाह दी है। ध्यान रहे कि अगर कोई लोग घास काटता है तो वे चिकित्सक को बताएं। ताकि चिकित्सक समय से उसका इलाज कर सके। विभाग का दावा करता हैं कि स्क्रब टायफस को लेकर स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है, लेकिन महज नजर रखने से इस बीमारी पर काबू पाना मुश्किल है।


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