जब तक कॉलेज बहाल नही हुआ तब तक जारी रहेगा संघर्ष – कौल नेगी

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शिमला राजकीय महाविद्यालय ननखड़ी को बंद करने के प्रदेश सरकार के निर्णय के विरोध में भारतीय जनता पार्टी मंडल ननखड़ी द्वारा शुक्रवार को विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन का आयोजन प्रातः 10 बजे सीएचसी अस्पताल रोड ननखड़ी में किया गया। जिसमें भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, महिला मंडलों, युवक मंडलों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया। इस मौके पर पूर्व भाजपा प्रत्याशी कौल सिंह भी उपस्थित रहे।
भाजपा मंडल अध्यक्ष जिया लाल लंबरदार ने बताया कि राजकीय महाविद्यालय ननखड़ी क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। इसे बंद करने का निर्णय छात्रों और अभिभावकों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। वहीं भाजपा नेता कौल सिंह ने कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी। उन्होंने प्रदेश सरकार से महाविद्यालय को बंद करने के निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिज़ तरह से अन्य बंद किये गए कॉलेजों को बहाल किया जा रहा है उसी तर्ज ओर ननखड़ी कॉलेज को भी बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि ननखड़ी 18 पंचायतों का केंद्र है। ऐसे में यहां पर बड़ी संख्या में बच्चें पढ़ते है, जो इस बार यहां दाखिला लेना चाहते थे, लेकिन उससे पहले ही सरकार ने इस कॉलेज को बंद करने का फरमान जारी कर दिया। उन्होंने कहा कि कभी भी शिक्षण संस्थान मुनाफा लेने के लिए नही खोले जाते। अगर सरकार ये देख रही है कि इस कॉलेज के बंद करने से वो यहां के शिक्षकों के वेतन को बचा लेगी तो ये धारणा काफी खेदजनक है। सरकार को यहां पर बच्चों के दाखिला बढ़ाने के लिए प्रयास करने चाहिये थे। लेकिन सरकार ने इसका उलट कर यहां की युवा पीढ़ी को अपनी सरकार का तोहफा दिया है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक इस कॉलेज को बहाल नही कियाक जाता तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस प्रदर्शन में मंडल के पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य, जिला एवं प्रदेश स्तर के कार्यकर्ता, जिला परिषद सदस्य, पंचायत प्रतिनिधि, बूथ समिति के सदस्य तथा विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों के पदाधिकारी शामिल हुए। भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

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