शिमला।शिमला के जाखू में प्रतिवर्ष विजय दशमी का पर्व बड़े धूमधाम से।मनाते है और रावण,मेघनाथ ,कुम्भकरण के पुतले जलाए जाते है।लेकिन यह जानकर आश्चर्य होगा कि जाखू मंदिर में यह पुतला मुस्लिम बनाते है ।यह पिछले कई सालों से मुस्लिम ही आकर पुतला बना रहे है और हिन्दू मुस्लिम भाई, भाई का संदेश दे रहे है।
जाखू मंदिर में इस बार 50 फीट का रावण का पूतला जलाया जाएगा। वहीं मेघनाथ व कुंभकर्ण के 40 फीट के पुतले बनाए गए।
रावण के पुतले के कारीगर मुहमद शाहनवाज ने बताया कि पिछले 22 सालों से वह रावण के पुतले बना रहे हैं। शिमला में मुहमद पिछले 16 सालों से रावण का पुतला बनाने शिमला आ रहे हैं। अभी तक उन्होंने सैंकड़ो पुतले बना दिये हैं वह शिमला ही नही बल्कि कई जगहों पर पुतले बनाने जाते हैं। उन्होंने बताया कि हालांकि वह मुस्लिम है। मुहमद ने कहा कि हिंदू मुस्लिम कुछ नहीं होता सबसे बड़ा धर्म है इंसानियत का उसके बाद ही सारे मजहब आते हैं। उन्होंने बताया कि वह रावण के पुतले का निर्माण बांस की लकड़ी और कपड़े का इस्तेमाल करके बनाते हैं।
मोहम्मद असलम ने बताया कि रावण का पुतला बनाने का काम करने वाली यह उनकी तीसरी पीढ़ी है. उनके परदादा, दादा के साथ पिता भी यही काम किया करते थे. अब बच्चे यही काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि शिमला की सबसे ऊंची पहाड़ी जाखू पहुंचकर रावण का पुतला तैयार करना अपने आप में बेहद अलग अनुभव रहता है. उन्होंने कहा कि आज देश में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे के साथ सद्भाव का संदेश देने की जरूरत है. राजनीति के नाम पर हिंदू-मुसलमान को लड़ाने की कोशिश की जाती है, लेकिन हकीकत यह है कि त्योहार सभी के साझे हैं और किसी के बीच किसी तरह की कोई लड़ाई नहीं है
गौरतलब है कि हर हिमाचल में सभी तैयोहार को हिन्दू मुस्लिम मिलकर मनाते है और आपसी भाई चारे का संदेश देते है।


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