, शिमला। आईजीएमसी अस्पताल में नई कंपनी ने सुरक्षा का ज़िम्मा संभाल लिया है। ऐसे में अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों का ठेका संभाल रही कंपनी की समयावधि समाप्त हो गई है। जिसको लेकर शनिवार को आईजीएमसी के सुरक्षा कर्मियों द्वारा सीटू कार्यालय में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान पुरानी कंपनी के तहत कार्य कर रहे सुरक्षाकर्मियों की छंटनी करने पर आईजीएमसी में आंदोलन करने का फैसला लिया गया। बैठक में आईजीएमसी के सुरक्षाकर्मी भारी संख्या में शामिल हुए। सुरक्षाकर्मियों ने कहा कि पुरानी कंपनी की समयावधि अब समाप्त हो गई है। लेकिन अभी तक उन्हें नई कम्पनी की तरफ से अभी तक ज्वाइनिंग लेटर नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि अगर सुरक्षाकर्मियों की छंटनी की जाएगी तो वह आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।
सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों को अगर नौकरी से निकाला गया तो आईजीएमसी में हड़ताल की जाएगी। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी में सुरक्षाकर्मियों की मानसिक प्रताड़ना की जा रही है। ठेकेदार बदलने पर उन्हें नौकरी से निकालने की साज़िश रची जा रही है। आईजीएमसी प्रबन्धन भी नए ठेकेदार के साथ मिलकर श्रम कानूनों की अवहेलना कर रहा है। बीते कई सालों से कार्यरत सुरक्षाकर्मियों की पुनर्नियुक्ति में श्रम कानूनों का उल्लंघन किया जा रहा है। नई आउटसोर्स कम्पनी द्वारा जो शपथ पत्र सुरक्षा कर्मियों से लिया जा रहा है, उसमें अनुचित श्रम व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि आईजीएमसी प्रबन्धन द्वारा वार्ड अटेंडेंट व सफाई कर्मियों की तर्ज़ पर सभी सुरक्षाकर्मियों को नए ठेकेदार के पास पुनर्नियुक्ति दी जाए। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों की छंटनी करने की सूरत में आंदोलन की चेतावनी दी है।

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