शहर में पानी के मुद्दे को लेकर नगर निगम हाउस में हंगामा, विरोध जताते हुए कुर्सियां छोड़कर जमीन पर बैठे पार्षद सदन में की नारेबाज़ी

 

 

शिमला। बुधवार को नगर निगम शिमला की मासिक बैठक हंगामे से सराबोर रही. भाजपा पार्षदों ने शिमला शहर में बीते दिनों हुई पानी की किल्लत को लेकर हाउस के अंदर जबरदस्त हंगामा किया. इस दौरान भाजपा के पार्षद अपनी कुर्सी से उतार कर जमीन पर बैठ गए और सदन के अंदर ही सत्ता पक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे. इस दौरान भाजपा पार्षदों ने प्रशासन पर पानी के लिए भाजपा शासित पार्षदों के क्षेत्रों में पानी के लिए सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया.

भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर ने कांग्रेस शासित शिमला नगर निगम पर पानी के आवंटन को लेकर भाजपा से जीते पार्षदों के इलाकों के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है. सरोज ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के पार्षद कहते हैं कि उनके इलाकों में पानी की कोई समस्या नहीं है जबकि भाजपा शासित वार्डों में बीते दिनों से पानी की समस्याएं चल रही है जिसके साफ तौर पर मायने यह है कि सरकार की सरकार पिक एंड चूस कर रही है. इसके अलावा सरोज ठाकुर ने गाद हटाए जाने को लेकर भी नगर निगम पर मिसमैनेजमेंट का आरोप लगाया है.

वहीं से ढली वार्ड से भाजपा पार्षद कमलेश मेहता ने कांग्रेस शासित नगर निगम पर पानी के आवंटन पर भी वीआईपी ट्रीटमेंट देने का आरोप लगाया है . कमलेश मेहता ने कहा कि उनके वार्ड से किसी व्यक्ति ने जब पानी की मांग की तो प्रशासन की ओर से पहले शहर में वीआईपी को पानी देने की बात की गई जिसके बाद पानी बचाने पर उन तक पानी पहुंचाने की बात कही गई. उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता पक्ष के पार्षद खुद इस बात को मान रहे हैं कि उनके वार्ड में पानी की कोई समस्या नहीं है जबकि शहर में लोग पाने की समस्या से जूझ रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने पानी के मुद्दे पर समाधान ना होने की स्थिति में मुख्यमंत्री तक जाने की बात कही है.

 

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