हॉट सीट बना जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र उपचुनावों की घोषणा से पहले ही सरकार व विपक्ष ने झोंकी पूरी ताकत

  शिमला: हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला की जुब्बल कोटखाई विधानसभा क्षेत्र उपचुनावों के लिए हॉट सीट बनता जा रहा है। उपचुनावों की घोषणा से पहले ही सत्ताधारी पार्टी भाजपा व सरकार तथा मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। साथ ही सत्ताधारी व विपक्ष के संभावित उम्मीदवार भी अभी से ही प्रचार में जुट गए हैं। लेकिन इस सब के बीच सत्ताधारी भाजपा की हलके में राह आसान नहीं होगी, क्योंकि यहां पर भाजपा टिकट के लिए कई दावेदार हैं, जिनके टिकट नहीं मिलने पर बागी होने की भी पूरी संभावना है।
जुब्बल-कोटखाई की सीट जिला के दिग्गज ने नरेंद्र बरागटा के अचानक निधन के कारण खाली हुई है। उनकी गणना प्रदेश के वरिष्ठ व दिग्गज नेताओं में होती थी। वह सेब सहित जिला के अन्य प्रमुख मुद्दों को दृढ़ता के साथ उठाते थे। उनके निधन के बाद अब जुब्बल-कोटखाई में उपचुनाव होने हैं। इस सीट पर कब्जा जमाने के लिए दोनों की प्रमुख दलों ने अभी से ही जोर अजमाईश शुरू कर दी है। क्योंकि दोनों ही दलों के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है। भाजपा इस सीट पर अपने कब्जे को किसी भी सूरत में छोडऩे को तैयार नहीं है। वहीं कांग्रेस इसे पुन: अपने कब्जे में लेने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है।
इसी कड़ी में उपचुनावों की घोषणा से पहले ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सहित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. राजीव सैजल, शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज सहित अन्य प्रमुख नेता व मंत्री क्षेत्र का दौर कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने तो क्षेत्र की लम्बे समय से चली आ रही कई मांगों को पूरा भी किया है तथा कई घोषणाएं भी की। इसी तरह सरकार के कबीना मंत्री भी लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की नजर भी इस सीट पर है। उनके प्रमुख नेता भी क्षेत्र का दौरा कर कांग्रेस के पक्ष में लहर बनाने का प्रयास करने में जुटे हैं।
इस सब के बीच क्षेत्र में संभावित उम्मीदवारों ने अभी से चुनाव प्रचार भी शुरू कर दी है। इस कड़ी भाजपा के पूर्व विधायक दिवंगत नरेंद्र बरागटा के पुत्र चेतन बरागटा ने अनौपचारिक रूप से प्रचार शुरू कर दिया है। वह घर-घर जाकर लोगों से मिल रहे हैं। पार्टी को उम्मीद है कि उन्हें उपचुनावों में लोगों की सहानुभूति जरूर मिलेगी। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक रोहित ठाकुर भी चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। उनका क्षेत्र में अपना एक जनाधार है। साथ ही उनके समर्थकों व क्षेत्र के अन्य लोगों का मानना है कि यदि वह इस बार उपचुनाव जीत जाते हैं तो यदि अगली सरकार कांग्रेस की बनी तो उन्हें सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। ऐसे में उनके समर्थक भी अभी से पूरे जोश के साथ प्रचार में जुट गए हैं।
लेकिन जुब्बल-कोटखाई उपचुनावों में सत्ताधारी भाजपा की राह आसान नहीं होगी। क्योंकि पार्टी टिकट के लिए कई लोगों ने अपनी दावेदारी पेश की है। इसमें चेतन बरागटा के अलावा नीलम का नाम प्रमुख है। वह जिला परिषद सदस्य भी रह चुकी है तथा क्षेत्र में उनका अपना एक जनाधार है। इसके अलावा उनका दिवंगत नेता नरेंद्र बरागटा के साथ भी छत्तीस का आंकड़ा रहा है। इसके अलावा एक कर्मचारी नेता ने भी पार्टी टिकट का दावा ठोकते हुए इसके लिए आवेदन किया है। ऐसे में जिसे पार्टी टिकट मिलता है यदि वह सभी टिकट के दावेदारों को अपने पक्ष में करने में कामयाब नहीं हुआ तो उसे परेशानी हो सकती है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार रोहित ठाकुर के लिए इस तरह की कोई भी दिक्क्त नहीं है। उन्हें टिकट मिलना तय है। ऐसे में अब देखना है कि इस हलके में कोन बाजी मारता है।

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