शिमला में एचआरटीसी की बस गिरी 1 की मौत 20 घायल

शिमला में एचआरटीसी की बस गिरी 1 की मौत 20 घायल

शिमला।
हिमाचल पथ परिवहन निगम की एक बस दोपहर करीब 2.30 बजे हीरानगर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। घटना में
एक युवक की जान चली गई, जबकि हादसे में यात्री घायल हुए हैं। जिनमें 2 गंभीर है. राजधानी में हुए इस हादसे ने शासन-प्रशासन के राहत व इंतजामों के पोल खोल कर रख दी. प्रशासनिक बदइंतजामी ने 23 वर्षीय युवक की जान ले ली.
दरअसल बस के नीचे दबे दो यात्रियों को निकालने में 3 से 4 घंटे से ज्यादा समय लग गया. दोनों यात्री घंटों तक दर्द से करहाते रहे. पहले सरकारी मशीनरी घटनास्थल पर देरी से पहुंची. बाद में क्रेन की लोहे की रस्सियां तक टूट गई. इसके बाद उपनगर ढली से दूसरी क्रेन को बुलाया गया, वह भी काफी पुरानी थी. निज़ी क्रेन की मदद से रेस्कूय आपरेशन कर एक व्यक्ति को निकाला गया. जिसका आईजीमएसी में उपचार चल रहा है. रेस्क्यू टीम के पास गैस कटर तक नही था. धामी से गैस कटर मंगवाकर फंसे यात्री को निकाला गया.

प्रशासनिक लापरवाही से घटनास्थल पर मौजूद लोगों का गुस्था भी फूटा है। दुर्घटनाग्रस्त बस के एक यात्री ने आरोप जड़ा कि रेस्क्यू और राहत बचाव में देरी हुई है। अगर क्रेन समय पर पहुंच जाती, तो मौत के आगोश में समाया आकाश बच जाता। राहत कार्य में जुटे सेना से रिटायर एक व्यक्ति मनोहर ने चिल्लाते हुए कहा कि तीन घंटे से ज्यादा समय से यात्री बस के नीचे दबे हैं। अगर कोई मंत्री हादसे का शिकार होता और इस तरह फंसा होता तो कई गाड़ियों व क्रेन यहां रेस्कयू के लिए पहुंच जाती. दो घंटे से बस के नीचे दबने से एक व्यक्ति दर्द से करहाते रहे.

बता दें कि करीब दोपहर पौने दो बजे के करीब बस संख्या एचपी 94-0379 हीरानगर के पास अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। बस चालक व परिचालक के मुताबिक ट्रक की टक्कर लगने के बाद बस ने संतुलन खोया और पैराफिट तोड़ते हुए खाई में गिरी. घायलों की सूची है.

आईजीएमसी में 20 घायलों का उपचार चल रहा है जिसमें 18 मरीज ठीक है और उन्हें कल छुट्टी दे दी जाएगी जबकि 2 मरीज गंभीर है घायलों को देखने के लिए शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज भी पहुंचे उन्होंने मरीजों का हालचाल पूछा और उनकी जल्दी स्वस्थ होने की कामना की आईजीएमसी केमिस्ट डॉक्टर जनक राज ने बताया कि आईजीएमसी में 20 मरीज लाए गए हैं जबकि एक मरीज की मौत हुई है उन्होंने कहा कि सभी घायलों का इलाज चल रहा है और जिनके तीमारदार नहीं है आईजीएमसी उनकी भी सहायता कर रहा है और पूरी व्यवस्था कर रहा है

1. सुरेश कुमार (59), पुत्र बेलीराम गांव अप्परला सराना मंडी।
2. कमलेश चंद (62) पुत्र शंकर लाल, समेली दाड़लाघाट सोलन।
3. सुष्मा देवी (38) पत्नी अरुण शर्मा, टिक्कर भुमली बड़सर जिला हमीरपुर
4. समक्ष (12) पुत्र अरुण शर्मा, टिक्कर भुमली बड़सर जिला हमीरपुर
5. परीक्षा (11) पुत्री नवीन, सियावाला जिला बिलासपुर
6. जोगेंद्रपाल (61) पुत्र लालमन राम, लादर घुमारवी जिला बिलासपुर
7. तन्वी (13) पुत्री नवीन सियावाला जिला बिलासपुर
8. प्रकाश चंद (40) पुत्र बृजलाल, अप्पर बरोट पौंटा सरकाघाट जिला मंडी।
9. फुला देवी (80) पत्नी शोभा राम, गांव तल्याणा, जिला बिलासपुर
10. महीपाल सिंह (42) गांव करलोटी, घुमारवीं जिला बिलासपुर।
11. यशमीत (9) पुत्र मुकेश निवासी गांव ममलीग अर्की जिला सोलन।
12. रेखा देवी (30) पत्नी मुकेश, निवासी गांव ममलीग अर्की जिला सोलन।
13. हिताक्षी (6) निवासी गांव ममलीग अर्की जिला सोलन
14. ज्योति (24) पुत्री राजकुमार, गांव बांगली बडसर जिला बिलासपुर।
15. कमल सिंह (48) पुत्र सोभा राम, गांव तल्याणा घुमारवीं जिला बिलासपुर।
16. पवन कुमार (52) पुत्र परस राम, सुंदर भवन कृष्णानगर शिमला।
17. सोभा राम (70) गांव तल्याणा घुमारवीं जिला बिलासपुर।
18. नीशा (39) पत्नी नवीन, गांव जुखाला तहसील सदर बिलासपुर।
19. रत्न चंद (34) पुत्र तुलसी राम, गांव बैमू अर्की जिला सोलन।
20. ललित कुमार (25) पुत्र मुकेश गांव बैमू अर्की जिला सोलन।

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