February 24, 2024

हिमाचल पुलिस भर्ती मामले में अभी तक 171 गिरफ़्तार, 47 लोग हिरासत में.

शिमला।हिमाचल पुलिस ने पेपर लीक मामले में अपनी पीठ थपथपाई है। शिमला में प्रेस कांफ्रेंस के दाैरान DGP संजय कुंडू ने कहा कि पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में एसअाईटी ने बेहतर काम किया है। पेपर लीक मामले के मास्टर माइंड शिव बहादुर सिंह को यूपी से एसटीएफ की मदद से गिरफ्तार किया गया है। एेसे में अब जल्द ही अाने वाले 7 दिन के अंदर एसअाईटी चार्जशीट दाखिल करेगी। उन्हाेंने कहा कि जाे लाेग पकड़े गए हैं, उनका काम पेपर लीक करना ही था, वे इस काम में प्राेफेशनल हैं। इसमें हिस्ट्रीशीटर और इंजीनियर से लेकर ट्रांसपोर्टर तक का काम करने वाले लाेग शामिल हैं। एक प्रश्न के सवाल में डीजीपी ने बताया कि शिमला, लाहौल-स्पीति और किन्नौर से अब तक कोई अभ्यर्थी या ऐजेंट गिरफ्तार नहीं किया है, इसकी जांच जारी है।

डीजीपी बाेले, अब तक 171 लाेग गिरफ्तार किए गए हैं
डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि पेपर लीक मामले में अब तक 171 अाराेपियाें काे गिरफ्तार किया जा चुका है। अभी भी इन्वेस्टिगेशन चल रही है। उन्हाेंने कहा कि पुलिस अपना काम अच्छे से कर रही है। अगर इसमें किसी भी पुलिस अफसर की संलिप्तता पाई गई ताे उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई हाेगी।

CBI ने अभी तक जांच शुरू नहीं की
प्रदेश सरकार ने जांच CBI काे सौंपी है, लेकिन CBI ने अभी तक इसकी जांच शुरू ही नहीं की है। सीबीआई की ओर से सरकार को हां या ना का जवाब नहीं मिला है। इस मामले पर डीजीपी ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

ऐसे लगा पेपर लीक का पता: 24 मार्च की चैट, अप्रैल में हुई थी वायरल
सोशल मीडिया पर वायरल हुई चैट 24 मार्च की है, जबकि कांस्टेबल परीक्षा 27 मार्च को थी। 24 मार्च की वॉट्सऐप चैट को रिजल्ट आने के एक-दो दिन बाद यानी अप्रैल के पहले सप्ताह में वायरल किया गया। अर्की का एक युवक जिसे पेपर खरीदने का ऑफर मिला था, लेकिन उसने पेपर नहीं खरीदा था। जब रिजल्ट आया तो वह युवक रिजल्ट में मेरिट में नहीं आ सका। इसके बाद उस युवक ने ही 24 मार्च का वॉट्सऐप चैट सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिसे शुरुआत में पुलिस अफसर गलत बताते रहे।

About Author

You may have missed