शिमला। शिमला में बसों के टाइम टेबल को लेकर आये और दिन लड़ाई के मामले सामने आ रहे है ,सबसे हैरानी की बात है कि पुलिस रोकने के बजाए तमाशबीन बनी खड़ी देखती रहती है।
रविवार को कार्ट रोड़ स्थित गुरुद्वारे के समीप बस अड्डे में सरकारी व निजी बस चालक परिचालकों के बीच विवाद हुआ। एचआरटीसी की बस संजौली जाने के लिए रूकी हुई थी। उसी दौरान निजी बस चालक ने एचआरटीसी बस के आगे बस बेतरबीब ढंग से खड़ी कर दी। दोनों चालकों के बीच इसको लेकर काफी नोकझोंक हुई। निजी बस के चालक परिचालक व मालिक वहां पर सरकारी बस से सवारियों को उतरने के लिए कहने लगे। उनका तर्क था कि अभी उनकी बस के चलने का टाइम है। सरकारी बस चालक अपनी मन मर्जी से बसें हर कहीं खड़ी कर देते हैं। जिससे उनका नुकसान होता है। सवारियों ने बस से उतरने को इंकार किया। निजी बस के चालक बस हटाने को तैयार ही नहीं थी। पुलिस कंट्रोल रूम के सामने यह सारा घटनाक्रम हुआ। वहां पर ट्रैफिक जवान भी खड़े थे जो यह सारा तमाशा देखते रहे। कुछ लोगों ने इसकी वीडियो बनाई अौर एसपी शिमला संजीव गांधी से शिकायत की। उसके बाद जवानों ने बसों को वहां से हटाया।
पिछले सप्ताह भी हुई थी मारपीट
शिमला में सरकारी व निजी बसों के बीच मारपीट व नोकझोंक की यह कोई नई घटना नहीं है। आए दिन इस तरह के विवाद शिमला में हो रहे हैं। हैरानी इस बात की है कि न तो एचआरटीसी प्रबंधन और न ही पुलिस इस पर संज्ञान लेती है। इसका खामियाजा सवारियों को भुगतना पड़ता है।
पिछले सप्ताह भी पुराने बस अड्डे में बसों के टाइम टेबल को लेकर बड़ा विवाद हो गया था। बस अड्डे के काउंटर नंबर एक पर आईएसबीटी जाने वाली एचआरटीसी की इलेक्टि्रक बस खड़ी थी। निजी बस भी काउंटर पर पहुंच गई। इसके बाद एचआरटीसी और निजी बस के चालक परिचालकों के बीच विवाद हुआ। दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई जो बाद में मारपीट तक पहुंच गई थी।
एसपी संजीव गांधी का कहना है कि बस स्टैंड पर पुलिस तैनात है।वो मामले देख लेती है।
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