शिमला। अडानी सीमेंट राज्य की एकमात्र ऐसी कंपनी नहीं है जो निजी ट्रक यूनियनों द्वारा वसूले जा रहे अत्यधिक माल ढुलाई की समस्या का सामना कर रही है।
हिमाचल में मौजूद कई अन्य कंपनियों और उद्योगों को भी ऐसी ही चुनौती का सामना करना पड़ रहा है जहां ट्रक यूनियन उद्योगों की परिवहन संबंधी गतिविधियों में हस्तक्षेप करती हैं।
राज्य में उद्योगों को ट्रकों व अन्य वाहनों को अवैध रूप से रोकने या ऐसे ट्रक यूनियनों द्वारा अवैध शुल्क वसूलने की समस्या का भी सामना करना पड़ता है।
अडानी समूह के अनुसार ट्रक यूनियनों द्वारा अत्यधिक माल ढुलाई की मांग के अड़ियल रुख के कारण उन्हें राज्य में दो सीमेंट संयंत्र बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि इससे उनका संचालन अव्यवहारिक हो गया है।
ऊना जिले में मौजूद उद्योगों के समान मुद्दों के कारण उद्योग संघ हिमाचल प्रदेश के माननीय उच्च न्यायालय में गुहार लगायी थी जहां अभी यह मामला लंबित है।
याचिका में माननीय उच्च न्यायालय से राहत की मांग की गई है कि राज्य को उद्योग संघों के पेटिशन पर कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया जा सकता है और इस तरह यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि उद्योग अपनी पसंद के किसी अन्य स्रोत से खरीदे गए अपने ट्रकों या ट्रकों को चलाने में सक्षम हों।
याचिका में यह भी राहत मांगी गई है कि राज्य को ट्रक यूनियन द्वारा लगाए गए अत्यधिक माल ढुलाई दरों को रेगुलेट करने के लिए निर्देशित किया जा सकता है।
यह महत्वपूर्ण है कानून व्यवस्था के साथ साथ सरकार उद्योग के लिए सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाये ताकि उद्योगों को बिना किसी रुकावट के शांतिपूर्ण ढंग से अपना व्यापार कर सकें।


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