शिमला :राजधानी शिमला में शुक्रवार को निर्जला एकादशी का पर्व पूरे श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। भीषण गर्मी के बीच जगह-जगह लगी छबीलों ने राहगीरों को राहत दी और पुण्य का अवसर भी दिया।
इस अवसर पर नोफल संस्था के अध्यक्ष गुरमीत सिंह ने बताया कि “हमने आईजीएमसी अस्पताल में रोज की तरह मरीजों और तीमारदारों के लिए भोजन का लंगर लगाया। विशेष रूप से आज के दिन दूध और जलेबी का वितरण किया गया।”
उन्होंने बताया कि निर्जला एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। “इस दिन बिना जल ग्रहण किए व्रत रखना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। ऐसा माना जाता है कि इस एक व्रत से वर्षभर की सभी एकादशियों का पुण्य प्राप्त होता है।” उन्होंने बताया कि व्रती को सुबह स्नान-ध्यान के बाद भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए और निर्जला एकादशी व्रत कथा का श्रवण करना चाहिए।उन्होंने यह भी बताया कि व्रत के दौरान दिन-रात जल ग्रहण करना वर्जित होता है। यही कारण है कि इस दिन का व्रत कठिन होने के बावजूद भी लाखों श्रद्धालु पूरे समर्पण के साथ इसका पालन करते हैं।


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