शिमला।प्रदेश में चिकित्सकों की चल रही हड़ताल के कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में शुक्रवार को मरीज ओपीडी के बाहर खड़े रहे लेकिन कोई भी डॉक्टर उन्हें देखने नहीं आया कई गंभीर मरीज भी ओपीडी के बाहर पर्ची लेकर खड़े रहे प्रदेश के सभी अस्पतालों में चिकित्सक अपनी मांगों को लेकर 2 घंटे की पेन डाउन हड़ताल कर रहे हैं
सभी अस्पतालों में है ओपीडी में 9:30 से 11:30 तक कोई भी चिकित्सक नहीं जा रहा है जिला अस्पताल रिपन मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉक्टर अर्जुन ने बताया कि सभी डॉक्टर कोरोना के दौरान अपनी ड्यूटी कर रहे हैं उन्हें कोविड-19 अलाउंस तो दूर की बात जो उनकी सैलरी है उसे भी काटा जा रहा है ऐसे में डॉक्टरों में काफी मायूसी है जिस कारण उन्हें विरोध स्वरूप पेन डाउन हड़ताल करने को मजबूर होना पड़ रहा है उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांग जल्दी पूरी करें जिसस
वह ओपीडी में अपने मरीजों को जांच अच्छी तरह से कर सकें
यह है मुख्य मांगे
डाॅक्टराें की मुख्य मांगाें में सरकार ने डाॅक्टराें का नॉन प्रैक्टिस भत्ता जो 25 फीसदी से घटा कर 20 फीसदी कर दिया है उस कटौती को समाप्त करने की मांग की जा रही है। इसके अलावा छठे वेतन आयोग में वेतन विसंगतियों को दूर कर वेतन को पंजाब के आधार पर तय करना, पंजाब के वेतनमान के आधार से 2.37 लाख रुपए पर ही तय करना, प्रोमोशन में 4-9-14 को लागू करना, पीजी व अन्य डॉक्टरों को विशेषज्ञ भत्ता देना अाैर इसके साथ कॉट्रेक्ट आधार पर भर्ती डॉक्टरों के 40 फीसदी कटौती को समाप्त कर पूर्ण 57100 रुपए के वेतनमान के आधार पर वेतन देना है।
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