शिमला।हिमाचल में चिक्तिसको ने अपनी मांगो को लेकर एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को हिमाचल मेडिकल ऑफिर एसोसिएशन ने सुबह दो घण्टे की पेन डाउन हड़ताल रखी इस दौरान 9:30से 11:30 तक पेन डाउन हड़ताल रखी इस दौरान ओपीडी में कोई भी मरीज चेक नही किये। मरीज ओपीडी के बाहर
इंतजार करते रहे कि डॉक्टर कब आएंगे। लेकिन चिकित्सक 11,30 के बाद ही ओपीडी में आये और मरीज को चेक किया।
हिमाचल मेडिकल अाॅफिसर एसाेसिएशन अाज नाॅन प्रेक्टिव एलाउंस काे लेकर दाे घंटे की पैन डाउन स्ट्राइक के कारण प्रदेश के सभी अस्पतालों में सुबह दाे घंटे तक डाॅक्टर स्ट्राइक पर रहे ।
इस बारे में एसाेसिएशन पहले ही सरकार काे अल्टीमेटम दे चुकी है। उन्हाेंने सरकार से मांगे पूरी करने की अपील की थी। एसाेसिएशन के पदाधिकारियाें का कहना है कि सरकार ने एनपीए जाे पहले 25 फीसदी था अब उसे घटाकर 20 कर दिया है। जब तक इसे बढ़ाया नहीं जाएगा तक तक स्ट्राइक जारी रहेगी।
शिमला मेडिकल ऑफिसर एसोसिएसन के अध्यक्ष दीपक।कैंथला ने बताया कि उनकी मांग है कि पंजाब के तर्ज पर उनको वेतन दिया जाय और उनकी वेतन विसंगतिया दुर की जाए।
उन्होंने कहा कि नए पे स्केल में उन्हें एनपीए 25 से घटा कर 20 फीसदी कर दिया है जो कि गलत है क्यो की डॉक्टर 24 घण्टे अस्पतालों में ड्यूटी देते है उसके बाद भी उन्हें सम्मान जनक वेतन नही दिया जा रहा है। दीपक ने बताया कि कोरोना काल मे भी डॉक्टर ने ही अस्पतालों में 24 घण्टे ड्यूटी दी और जब लोग दहशत में थे तब वह मरीजो का इलाज कर रहे थे। ऐसे में भी सरकार उनकी मांग नही मान रही है।
दीपक ने बताया कि अभी 7 दिन की पेन डाउन हड़ताल 2 घण्टे की रहेगी अगर उसके बाद भी मांग पूरी नही हुई तो आगे की रणनीति तय की जाएगी

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