शिमला। आईजीएमसी सुरक्षा कर्मचारी भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले शुक्रवार काे अपनी मांगाें काे लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिले। इस दाैरान कर्मचारियाें ने सीएम काे बताया कि आईजीएमसी के सुरक्षा कर्मचारी 2010 से लगातार सेवाएं दे रहे हैं। उन्हाेंने बताया कि उनकी संख्या लगभग 180 है। संघ के प्रधान बबलू ने बताया कि ड्यूटी के दौरान उन्हें अनेक प्रकार की कठिनाई का सामना करना पड़ता है। 2020 में सभी सुरक्षा कर्मचारी कोविड-19 महामारी के बीच लगातार दिन रात अस्पताल में अपने परिवार की परवाह न करते हुए अपनी सेवाएं दी। यहां तक कि कोरोना पॉजिटिव शवों को कनलोग शमशानघाट तक पहुंचाने का कार्य भी किया। उन्हाेंने सीएम से अाग्रह किया कि उनके लिए आउटसोर्स नीति या न्यूनतम वेतन की श्रेणी में लाया जाए जिससे ने केवल अपना अपितु अपने परिवार का पालन पोषण अच्छे से कर सके। क्योकि 12 सालों से ठेकेदारों की एक कंपनी आती है और दूसरी चली जाती है। इससे कर्मचारियाें काे बहुत मानसिक परेशानी होती है। सीएम ने उन्हें अाश्वासन दिया कि वह उनकी मांगाें पर विचार करेंगे। इस दाैरान संघ के प्रधान बबलू, महामंत्री प्रवीण शर्मा, सचिव देवराज, सदस्य चमन लाल, बृज लाल, देसराज, सन्नी आदि माैजूद रहे।
आईजीएमसी सुरक्षा कर्मचारी बीएमएस के बैनर तले मुख्यमंत्री से मिले


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