

दीपावली पर दीपक पूजन करने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इस दिन लक्ष्मी पूजा से पहले कलश, भगवान गणेश, विष्णु, इंद्र, कुबेर और देवी सरस्वती की पूजा की परंपरा है। ज्योतिषियों का कहना है कि इस बार दिवाली पर तुला राशि में चार ग्रहों के आ जाने से चतुर्ग्रही योग बन रहा है। इस दिन की गई पूजा का शुभ फल जल्दी ही मिलेगा।
यह हाेगा लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त
लक्ष्मी पूजन का शुभ फल तभी मिलता है जब वह सही मुहूर्त में हाे। इस बार दीपावली पर शुभ मुहूर्त शाम 6:10 से 8:06 बजे तक का रहेगा। इस दाैरान पूजा की कुल अवधि शाम 1 घंटा 55 मिनट रहेगी। लक्ष्मी की पूजा करने से पहले नए कपड़े के टुकड़े के बीच में मुट्ठी भर अनाज रखा जाता है। कपड़े को किसी चौकी या पाटे पर बिछाना चाहिए। आधा कलश पानी से भरें, जिसमें गंगाजल मिला लें। इसके साथ ही सुपारी, फूल, एक सिक्का और कुछ चावल के दाने और अनाज भी इस पर रखें। कुछ लोग कलश में आम के पत्ते भी रखते हैं। इसके साथ ही इस मंत्र का जाप करें-ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद, ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:॥ इसके बाद एक प्लेट में लक्ष्मी जी की प्रतिमा का पंचामृत (दूध, दही, घी, मक्खन और शहद का मिश्रण) से स्नान कराएं। इसके बाद देवी चंदन लगाएं, इत्र, सिंदूर, हल्दी, गुलाल आदि अर्पित करें। परिवार के सदस्य अपने हाथ जोड़कर सफलता, समृद्धि, खुशी और कल्याण की कामना करें।
दाे घंटे चला सकेंगे अाज पटाखे
दीपावली पर्व पर पटाखे चलाने का समय इस बार दो घंटे तय किया गया है। डीसी ने अादेश जारी किए हैं कि शाम 8 से 10 बजे तक निर्धारित किया गया है। पटाखे चलाने के लिए काेई खुला मैदान चुने ताकि पटाखे किसी काे नुकसान ना पहुंचा सके। वहीं बच्चाें काे दीवाली के दाैरान खास ख्याल रखें क्याेंकि बच्चे पटाखे चलाते समय अक्सर अपने हाथ जला लेते हैं। वहीं पटाखे जलाते समय यह भी ध्यान रखें की अाप कपड़े खुले पहनें अाैर सिल्क के कपड़े ना पहने। क्याेंकि टाइट कपड़ाे अाैर सिल्क के कपड़ाें में अाग लगने का खतरा रहता है। यदि गलती से पटाखाें से काेई जल जाए ताे तुरंत जले हु़ए भाग काे ठंडे पानी में डालें। यदि ज्यादा जल जाए ताे तुरंत अस्पताल में इसकी जांच करवाएं।
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