*शिमला, भारी बारिश और भूस्खलन से प्रभावित हुए हिमाचल प्रदेश के सेब किसानों के लिए निजी कंपनियों द्वारा दी जा रही विशेष सुविधाएं राहत का प्रमुख स्रोत बनी हुई हैं. इस सीजन कम पैदावार और कम गुणवत्ता वाली फसल के बावजूद, सेब उत्पादकों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहे हैं. स्थानीय मंडियों से प्रतिस्पर्धी दामों तथा बिक्री के दौरान मिलने वाले प्रमुख सहयोग के कारण, निजी कलेक्शन सेंटर्स कृषकों की पहली पसंद बने हुए हैं.
प्रदेश के सैंज, रोहड़ू और रामपुर स्थित अदाणी एग्री फ्रेश लिमिटेड के कलेक्शन सेंटर्स पर भी बड़ी मात्रा में सेब बागबानों के पहुंचने का सिलसिला जारी है. जहां अब तक कुल 9000 मैट्रिक टन सेब की खरीदी की जा चुकी है.
कंपनी ने इस बार मौसम की मार झेल रहे हजारों किसानों को ध्यान में रखकर, नो रिजेक्शन पॉलिसी भी अपनाई है. खास तौर पर दूर-दराज से कलेक्शन सेंटर पहुंचने वाले किसानों के लिए सर्व सुविधा युक्त कॉम्प्लेक्स की व्यवस्था भी की गई है, जिससे किसानों को बिना किसी असुविधा 20 से 25 रुपये की बचत के साथ 110 रुपये प्रति किलो पर सेब बिक्री का अवसर मिल रहा है.
निश्चित रूप से निजी कंपनियों द्वारा मिल रहा सहयोग व समर्थन, कम गुणवत्ता वाली फसल और पैदावार की समस्याओं का सामना कर रहे सेब बागबानों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहा है, और आर्थिक पहलुओं पर उन्हें मजबूती प्रदान कर रहा है.

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