शिमला।। प्रदेश में भले ही मौसम साफ हो गया है लेकिन लैंडस्लाइड की घटनाएं अभी भी सामने आ रही है वही अब सरकार इसको लेकर गंभीर हो गई है ओर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सूक्खु लगातार अधिकारियों के साथ बैठक कर फीडबैक भी ले रहे हैं वीरवार को भी सचिवालय में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठे की और इस आपदा के समय क्या जरूरी कदम उठाए जाने उसे पर चर्चा की गई । बैठक में फैसला लिया गया कि शिमला शहर में फिलहाल खुदाई और निर्माण कार्यों पर रोक लगाई जाए और इसके साथ ही पेड़ कटान पर भी रोक लगाने का फैसला लिया गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने कहा कि प्रदेश में मौसम साफ हो गया है लेकिन लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है बीते दिन कुल्लू में भी लैंड स्लाइड हुआ है अभी सरकार का पूरा ध्यान बागवानो के फल और सब्जी को मंडियों तक पहुंचना है इसको लेकर बैठक में चर्चा हुई है।
खासकर शिमला में जहां पर खुदाई का काम चल रहा है या भवन निर्माण कार्य हो रहा है उसे कुछ समय के लिए रोक लगा दी गई है इसके अलावा पेड़ कटान पर भी कुछ समय के लिए रोक लगाई गई है शिमला में केवल जो खतरनाक पेड़ है उसके सर्वे होने के बाद ही पेड़ों को काटा जाएगा वहीं उन्होंने कहा कि शिमला में मकान कितने मंजिला हो इस पर भी मंथन किया जा रहा है। भवन निर्माण में पिछले 40 सालों से व्यवस्था चली आ रही है उसमें सरकार जरूरी बदलाव भी करेगी वहीं उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोगों के मकान और जमीन खत्म हो गई है सरकार अपनी ओर से राहत देने की कोशिश कर रही है पर सरकारी यह भी इंतजार कर रही है कि प्रदेश को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए या स्पेशल पैकेज मिले ताकि प्रदेश में प्रभवितो की मदद सखे।

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