शिमला: रविवार को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में और सोर्स कर्मचारियों का राज्य स्तरीय अधिवेशन हुआ इसमें बड़ी मात्रा में आउटसोर्स कर्मचारी हिमाचल पहुंचे और प्रदेश सरकार में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों की परेशानियों और मांगों को लेकर विचार विमर्श किया गया. वही आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष ने सरकार पर आउटसोर्स कर्मचारी की अनदेखी करने का आरोप लगाया तो बीते दिनों सरकार के अधिकारी पर आउटसोर्स कर्मचारियों के लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी. आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष नरेंद्र ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारी की नौकरियां सुरक्षित नहीं है उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विभिन्न विभागों में काम कर रहे आउट सोर्स कर्मचारियों को नौकरियां से निकल रही है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जिन्हें करोना काल में कोविड वॉरियर कहा उन्हें भी नौकरी से निकाल दिया गया. उन्होंने कहा कि इसके अलावा प्रदेश सरकार के अधिकारी भी कर्मचारियों का शोषण कर रहे हैं. नरेंद्र ने बताया कि इस अधिवेशन में इन सभी बातों को लेकर मंथन और विचार विमर्श किया जाएगा वहीं और सोच कर्मचारियों के दिन भी न्यूनतम वेतन निर्धारित करने के लिए भी महासंघ आवाज उठाएगा.

More Stories
शिक्षकों का पदोन्नति को लेकर सरकार को अल्टीमेटम,प्रमोशन का वनवास खत्म करे सरकार वरना कक्षाओं के बहिष्कार कर सड़कों पर उतरेंगे हिमाचल के हजारों शिक्षक
सैमडकॉट की चेतावनी: पदोन्नति रोक और वेतन स्थगन से चिकित्सा शिक्षा पर मंडराया संकट
हपुट्टा ने ए तथा बी श्रेणी के कर्मचारियों के वेतन में तीन प्रतिशत कटौती का किया विरोध,पुनर्विचार करने की मांग