शिमला: इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में न्यूरो रेडियोलोजी पर दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया है, जिसका रविवार को समापन हुआ। इस सेमिनार में आई.जी.एम.सी. के अलावा एम्स, पी.जी.आई. से आए डाक्टर्स ने भाग लिया। इस सेमिनार में दिमाग की होने वाले बिमारियों पर चर्चा की गई। इसमें संबंधित गंभीर बिमारियों का ईलाज कैसे किया जाना चाहिए, विशेषज्ञ डाक्टर ने इसकी जानकारी दी। आई.एस.एन.आर. ने अध्यक्ष डा. शैलेश गायकवाड़ ने कहा कि इस तरह के सेमिनार में जूनियर डाक्टर को सीनियर डाक्टर से सीखने को मिलता है। इसका फायदा ये है कि जो डाक्टर स्पेशलिटी में काम कर रहे हैं, उन्हें काफी कुछ सीखने को मिलता है। इस सेमीनार में विशेषज्ञों ने बताया गया कि अगर किसी व्यक्ति के सिर में तेज दर्द हो तो उसका सबसे पहले सिटी स्कैन करवाया जाता है। इसके बाद अन्य टैस्ट शुरू किए जाते हैं। उन्होंने कहा है कि आने वाले दिनों में भी इस तरह की गतिविधियां जारी रहेगी। इस दौरान विशेषज्ञों ने नई तकनीक के बारे में भी डाक्टर्स को बताया। रेडियोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डा. अनुपमा जोबटा ने कहा कि इस सेेमिनार में दिमाग की नसों व इससे संबंधित होने वाली बिमारियों पर चर्चा की गई। डा. अनुपमा जोबटा ने कहा कि ब्रेन हेमरेज और ब्रेन ट्यूमर को लेकर आई.जी.एम.सी में बेहतर ट्रीटमेंट किया जा रहा है। इस मौके पर आई.जी.एम.सी में उपलब्ध 17 साल पुरानी एम.आर.आई मशीन का मामला भी उठाया गया। यह मशीन सुबह8 बजे से शाम 8 बजे तक करीब 12 घंटें चलती है। इससे एक दिन में सिर्फ 25 से 28 एम.आर.आई ही हो रहे हैं। यदि अस्पताल को नई मशीन मिलती है तो एम.आर.आई भी ज्यादा होंगे और मरीजों को भी राहत मिलेगी। डा. अनुपमा जोबटा ने कहा कि ब्रेन हेमरेज और ब्रेन ट्यूमर को लेकर आई.जी.एम.सी में बेहतर ट्रीटमेंट किया जा रहा है।


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