शिमला, हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद डॉक्टर सिकंदर कुमार को संवैधानिक और संसदीय अध्ययन संस्थान (आईसीपीएस) की कार्यकारी परिषद के सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया है। राज्यसभा सचिवालय ने इस सम्बंध में अधिसूचना जारी कर दी है।
आईसीपीएस के लिए मनोनीत होने वाले डॉक्टर सिकंदर राज्यसभा से एकमात्र सांसद हैं। हिमाचल प्रदेश से भी पहली बाद कोई शिक्षाविद सांसद इस संस्थान के लिए मनोनीत हुआ है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति रहे डॉक्टर सिकंदर कुमार को पिछले दिनों संसद द्वारा पुनर्गठित की गई शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संसदीय स्थायी समिति के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। यह संसदीय समिति भारत सरकार के तीन महत्वपूर्ण मंत्रालय की संयुक्त समिति है। अब उनका चयन आईसीपीसी की कार्यकारी परिषद के लिए हुआ है। यह पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है।
बता दें कि संवैधानिक और संसदीय अध्ययन संस्थान यानी इंस्टीट्यूट ऑफ कॉन्स्टीच्यूशनल एंड पार्लियामेंट्री स्ट्डीज (आईसीपीएस) एक प्रमुख शोध संस्थान है, जो 10 दिसंबर 1965 को नई दिल्ली में अस्तित्व में आया। संस्थान का औपचारिक उद्घाटन उस दिन भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति और संस्थान के मुख्य संरक्षक (स्व) डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा संसद भवन के सेंट्रल हॉल में किया गया था। इस प्रमुख संस्थान के अध्यक्ष माननीय लोकसभा अध्यक्ष हैं, जो संस्थान के पदेन अध्यक्ष भी हैं।
यह संस्थान संवैधानिक और संसदीय अध्ययन के क्षेत्र में अकादमिक, अनुसंधान और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन के उद्देश्य से बनाया गया और इस तरह जुड़वां क्षेत्रों में एक उन्नत अनुसंधान केंद्र के साथ-साथ लोकतांत्रिक मूल्यों के लोकप्रिय प्रसार के लिए एक अकादमिक माध्यम के रूप में कार्य करना इसका एक मुख्य उद्देश्य है। यह संस्थान राजनेता, शिक्षाविद, शोधकर्ता और इस क्षेत्र में काम करने वाले अन्य लोगों के बीच सेतू प्रदान करता है।


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