शिमला।
स्कॉच स्टेट ऑफ गवर्नेंस रिपोर्ट-2021 में राष्ट्रीय स्तर पर वित्त और राजस्व श्रेणियों में प्रदेश को प्राप्त प्रथम पुरस्कार को राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त यूनुस और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने आज शिमला में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को भेंट किया। यह पुरस्कार शनिवार को इंडिया गवर्नेंस फोरम के एक भाग के रूप में इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित पुरस्कार समारोह में राज्य कर एवं आबकारी विभाग द्वारा प्राप्त किया गया था।
मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए राज्य कर एवं आबकारी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की, कि विभाग भविष्य में भी इस तरह का श्रेष्ठ प्रदर्शन निरंतर जारी रखेगा।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में एचपी-वैट-आईटी परियोजना को लागू करने और लगभग 31 ऑनलाइन सेवाओं को शुरू करने, करदाताओं और अन्य हितधारकों पर व्यापार से संबंधित अनुपालन भार को कम करने और युक्तिसंगत बनाने के लिए राज्य को यह सम्मान प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड प्रतिबंधों के बावजूद, राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने लगभग वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान 8500 करोड़ रुपये का संग्रह किया, जोकि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 7000 करोड़ रुपये के मुकाबले 20 प्रतिशत अधिक है। राजस्व में यह वृद्धि विभाग द्वारा उठाए गए सक्रिय कदमों, फील्ड अधिकारियों को आईसीटी आधारित हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर प्रदान करने, फील्ड अधिकारियों और हितधारकों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से बेहतर अनुपालना के लिए नियमित प्रशिक्षण प्रदान करने के कारण संभव हुआ है।
उन्होंने कहा कि विभाग ने अन्य राज्यों को पीछे छोड़ते हुए आबकारी ई-गवर्नेंस परियोजना के क्रियान्वयन करने के लिए भी स्कॉच पुरस्कार जीता है।
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राष्ट्रीय स्तर पर वित्त और राजस्व श्रेणी में प्रदेश को मिला स्कॉच स्टेट ऑफ गवर्नेंस अवार्ड

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