शिमला,। : आईजीएमसी में सुरक्षा कर्मचारियों व अस्पताल प्रबंधन के बीच चल रहा विवाद वीरवार को थम गया। कर्मचारियों के वेतन रूकने के बाद आंदोलनरत सुरक्षा कर्मचारियों को कॉलेज प्रधानाधाचार्य सीता ठाकुर ने सुरक्षा कर्मचारी यूनियन को वार्ता के लिए बुलाया और उनकी मांगाों व समस्याओं को सुना। जिस पर प्रधानाचार्य ने सुरक्षा कर्मचारियों को आश्वस्त किया । शाम तक प्रशासन ने सुरक्षा कर्मचारियों का वेतन खाते में डाल दिया। ऐसे में सुरक्षा कर्मचारियों ने आंदोलन को समाप्त किया और काम पर लौट गए। सुरक्षा कर्मचारी यूनियन के महामंत्री प्रवीण शर्मा ने बताया कि वेतन मामले को लेकर प्रधानाचार्य ने आश्वस्त किया था और शाम को वेतन उनके खाते में डाल दिया है। वहीं एम.एस को लेकर सुरक्षा कर्मचारियों की नराजगी और विवाद जारी है।
सुरक्षा कर्मचारी यूनियन के महामंत्री प्रवीण शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोगों के फोन पर धमकियां आ रही है। इन धमकि यों मेें नौकरी से बाहर निकालने के बारे में कहा जा रहा है। इन धमकियों के सुरक्षा कर्मचारियों के पास रिकाडिंग भी है। उन्होंने कॉलेज प्रधानाचार्य व सरकार से मांग की है कि इस मामले की छानबीन की जाए । उन्होंने चेताया कि एक भी सुरक्षा कर्मचारी व कार्यकारिणी के सदस्यों को डराया व धमकाया जाता है तो उसकी जिम्मेवारी प्रशासन की होगी।
सुरक्षा कर्मचारियों ने कहा कि अस्पताल इमरजैंसी व अन्य जगहों पर कोई भी मशीन नहीं लगी है। अस्पताल के अधिकारियों के लिए भी मशीन लगाई जानी चाहिए,सभी के लिए नियम कानून बराबर होने चाहिए।


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