ये है पूरा मामला
वर्ष 2020 में हिमाचल में सेनिटाइजर घोटाला सामने आया था। इस दौरान एक ऑडियो भी वायरल हुई थी। ऑडियो के अनुसार, इसमें दो लोगों के बीतचीत हुई थी। जिसमें 4.25 लाख रुपए लेने की बात की जा रही थी। साथ ही कहा गया कि बैंक वाले सहयोग नहीं कर रहे हैं। 43 सेकंड के इस ऑडियो के अंत में पांच लाख रुपए देने की बात कही गई।
तत्कालीन CM ने दिए थे जांच के आदेश
तत्कालीन CM जयराम ठाकुर ने ने भी मामले की जांच के आदेश दिए थे। इस मामले की जांच विजिलेंसे की SIU को सौंपी गई। इससे जुड़े सभी पहलूओं पर गहनता से जांच की गई तो उक्त तत्कालीन डॉयरेक्टर हेल्थ सर्विसिस डॉ. अजय कुमार गुप्ता को दोषी पाया गया। उसे गिरफ्तार किया गया। लेकिन उसे कोर्ट से जमानत मिल गई। अब कोर्ट से जमानत अर्जी रद्द होने के बाद फिर से इसे गिरफ्तार किया गया है।
ये सेनेटाइजर खरीद से जुड़ा है मामला
साल 2020 में सेनेटाइजर खरीद के मामले में गड़बड़ी की बात सामने आई थी। इस मामले की जांच विजिलेंस को सौंपी गई थी। रोप है कि सस्ते सेनेटाइजर महंगे दामों पर खरीद गए। सबसे अहम बात है कि स्वास्थ्य विभाग का तत्कालीन निदेशक ही इसमें संलिप्त था।

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