शिमला।,हिमाचल चुनावों में ओपीएस सबसे बड़ा मुद्दा हैं। कांग्रेस ने हिमाचल में पहली कैबिनेट में ही इसे लागू करने की घोषणा कर दी हैं. बीजेपी भी लगातार ओपीएस पर सवेदनशीलता से विचार करने की बात कर रही हैं तो प्रदेश में इसे बंद करने का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ रही हैं.
,,,केंद्रीय मंत्री जितेंदर चौधरी ने शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि ओपीएस कर्मचारियों से जुडा मुद्दा हैं कांग्रेस की तत्कालीन सरकार ने इसे यहां खत्म किया. बीजेपी पहले के पापों को पर्याश्चित करने को त्यार हैं. ओपीएस पर सवेदनशीलता से फैसला होगा. बीजेपी का चुनाव विचार को लेकर होता हैं जबकि कांग्रेस परिवारवाद ओर सत्ता में रहने के लिए चुनाव लड़ने वाली पार्टी हैं जब ये सत्ता से बाहर हो जाते हैं तो इधर उधर भटकर मंत्री बनने के लिए दल बदलते रहते हैं। जितेंद्र ने कहा कि हिमाचल में विकास के लिए फिर से डबल इंजन की सरकार की जरूरत हैं. उन्होंने कहा की बीजेपी में कोई बगावत नहीं हैं. बीजेपी में एक प्रक्रिया के बाद टिकट दिया जाता हैं यहाँ एक परिवार टिकट वितरण नहीं करता हैं. उन्होंने कहा कि
देश हित के लिए अगले 25 साल भारत को विश्व पटल पर एक शक्ति बनाने के लिए पीएम मोदी के साथ बने रहना जरुरी है और हिमाचल को भी अपनी भूमिका निभानी है इसलिए यहां भाजपा सरकार का चुना जाना जरुरी है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने डेढ़ हजार ऐसे नियम कानून बदले है जो जनहित में नहीं थे अथवा समय के साथ अनिवार्य नहीं थे और इन बदलाव से लोगों को लाभ हुआ है।


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