शिमला— हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले विभिन्न वर्ग अपनी मांगों को लेकर मुखर नजर आ रहे हैं. सोमवार को संयुक्त किसान मंच ने शिमला में प्रेस वार्ता कर उनकी मांगों को मानने वाले राजनीतिक दल के ऐलान की घोषणा की है. दरअसल, संयुक्त किसान मंच लंबे समय से अपनी 20 सूत्रीय मांग पत्र को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन अब तक किसी भी राजनीतिक दल ने इसे पूरा करने की बात नहीं कही है. ऐसे में संयुक्त किसान मंच का कहना है कि जो राजनीतिक दल उनकी मांगों को अपने घोषणा पत्र में शामिल करेगा, किसान मंच उसका ही सहयोग करेगा. संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान ने कहा कि उनका कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है. वे केवल यह चाहते हैं कि राजनीतिक दाल अपने घोषणापत्र में किसान-बागवानों की मांगों को शामिल करें. हरीश चौहान ने कहा कि आजाद उम्मीदवारों ने को भी मांग पर सेब का चुनाव चिन्ह मिला है. ऐसे में वे चाहते हैं कि सेब बागवानों के हितों के बाद भी इन विधानसभा चुनाव में की जाए. उन्होंने कहा कि सभी बागवान वोटरों से भी अनुरोध किया है कि जब भी कोई राजनीतिक दल उनके घर पर वोट मांगने आए, तो वह अपने हितों के बारे में राजनीतिक दलों से सवाल करें.


More Stories
एसजेवीएन ने अपनी सभी परियोजनाओं एवं कार्यालयों में ‘स्वच्छता पखवाड़ा 2026’ का शुभारंभ किया।
अनशन पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शिक्षक, CAS पर लगी रोक हटाने के साथ समय पर वेतन की कर रहे मांग।
आईजीएमसी में फिर सक्रिय हुए चोर, काट डाली महिला की जेब