शिमला।हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त लगभग 135 कॉलेजों में अाज से काॅलेज प्राेफेसराें ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। पेपर चैकिंग काे पहले ही टीचराें ने राेक कर रखा है। अब स्टूडेंट काे पढ़ाने से भी इनकार कर दिया है। प्रदेश कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन सरकार से यूजीसी पे स्केल लागू करने की मांग कर रही है। एसोसिएशन का कहना है कि जब तक यूजीसी पे स्केल लागू नहीं होता, तब तक वे न ताे आंसर शीट चैक करेंगे अाैर न ही पढ़ाएंगें। वे तब तक भूख हड़ताल पर बैठेंगे, जब तक मांगें पूरी नहीं हाेती है।
प्रदेश काॅलेज टीचर्स एसाेसिएशन के सचिव डॉ. रामलाल शर्मा का कहना है कि सरकार यूजीसी पे स्केल को लागू करने पर फैसला नहीं ले रही है, इसलिए हमें भूख हड़ताल पर बैठना पड़ रहा है। सरकार ही हमें आंदोलन करने को मजबूर कर रही है। कई बार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सामने इस मांग को उठा चुके हैं, इसके बावजूद सुनवाई नहीं हाे रही है।
स्टूडेंटस काे ये हाे रहा है नुकसान
जून में PG क्लासेस का एडमिशन प्राेसेस शुरू हाेना है, जबकि टीचराें के ने फाइनल ईयर के पेपर चैकिंग का काम राेक दिया है। अगर समय पर रिजल्ट नहीं निकलता है ताे दूसरे स्टेट में पीजी कोर्स के लिए आवेदन करने वाले छात्र बिना रिजल्ट के काउंसिलिंग प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले पाएंगे, जिससे उनके करियर पर संकट आ जाएगा। एचपीयू ने 20 जून तक थर्ड ईयर के रिजल्ट घोषित करने का लक्ष्य रखा है। पेपर चैकिंग का 80% जांच कार्य पूरा भी हाे चुका है, लेकिन अब काम रोक दिया गया है। जब तक सभी पेपर चैक नहीं होंगे, तब तक रिजल्ट घाेषित नहीं किए जा सकते।


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