शिमला
मरणोपरांत भी 1 व्यक्ति अंगदान करके 8 लोगों का जीवन बचा सकता है। भारत में अंगदान दुसरे देशों की तुलना में बेहद कम है।6 हजार लोगों को एक दिन में अंग प्रत्यारोपण की जरूरत होती है लेकिन लोगों में जानकारी का अभाव और भ्रांतियों के कारण लोग अंगदान के लिए आगे नहीं आ रहें हैं। इसी को देखते हुए सोटो ( स्टेट ऑर्गन एंड टिशु ट्रांसप्लांट संस्था) हिमाचल प्रदेश में लोगों को जागरूक करने का काम कर रही है ताकी लोगों का बहुमूल्य जीवन बचाया जा सके।
सोटो के राज्य नोडल अधिकारी डॉ पुनीत महाजन ने आईजीएमसी शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि अभी तक 518 लोगों ने अंगदान के लिए हिमाचल प्रदेश में सोटो के माध्यम से फॉर्म भरा है जबकि जरुरत इससे कहीं ज्यादा है। व्यक्ति दो तरह से अंगदान कर सकता। एक जीवित अवस्था और दूसरा मरणोपरांत जब ब्रेन डेड हो जाए तो अंगदान कर सकता है।लोगों को इस पुनीत कार्य के लिए आगे आना चाहिए और अंगदान करना चाहिए।


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