शिमला,: उत्तर मध्य भारत हिंदी प्रकाशक संघ ने समग्र शिक्षा अभियान हिमाचल प्रदेश पर किताब खरीद मामले में करोड़ो के घोटाले का आरोप लगाया है। संघ का कहना है कि आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार एसएसए ने 2019-20 मे 72 लाख रुपये की एक ही पुस्तक दिल्ली के एक प्रकाशक किताबघर से खरीदी और उसी प्रकाशक को बिना किसी टेंडर के सिंगल ऑर्डर के तहत 1 करोड़ 45 लाख 34 हजार 905 रूपए का सप्लाई आदेश दिया गया। उत्तर मध्य भारत हिंदी प्रकाशक संघ ने इस सन्दर्भ में मु यमंत्री कार्यालय व शिक्षा सचिव को प्रमाण सहित पत्र दिया है । इस मामले में संघ ने आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है।
उत्तर- मध्य भारत हिन्दी प्रकाशक संघ के संरक्षक और वाणी प्रकाशन के प्रमुख अरुण माहेश्वरी ने बताया है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में स्कूलों में लाइब्रेरी के लिए हिमाचल प्रदेश समग्र शिक्षा को लगभग 11 करोड़ रुपये केंद्रीय सरकार से प्राप्त हुए थे । जिसमें से लगभग 6 करोड़ रुपये की निजी प्रकाशकों के माध्यम से पुस्तक खरीदी बिना टेंडर कर दिए गए । जबकि वर्ष 2019-20 में भारत सरकार के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा स्कूल लाइब्रेरी के लिए जारी गाइडलाइन के अनुसार स्थानीय भाषा में यदि पुस्तकें एनसीईआरटी, एनबीटी आदि के पास उपलब्ध ना हो तो ही केवल 20 फीसदी की राशि का उपयोग निजी प्रकाशकों से पुस्तक खरीदी के लिए किया जा सकता है। संघ का कहना है कि हिमाचल प्रदेश समग्र शिक्षा विभाग ने 50 फीसदी से अधिक की राशि का उपयोग निजी प्रकाशकों से बिना किसी टेंडर प्रक्रिया अपनाये पुस्तक खरीदी के लिए किया है।


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