शिमला
लोकलाज के डर से बिन ब्याही एक मां ने अपने नवजात शिशु को जन्म के कुछ घण्टे बाद लावारिश हालत में छोड़ दिया। मुख्यमंत्री आवास के सुरक्षा में तैनात एक कर्मी ने शिशु के रोने की आवाज़ सुनी और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर शिशु को कब्जे में लेकर अस्पताल पहुंचाया और उसे डॉक्टरों की देखरेख में रखाया। डॉक्टरों ने नवजात को पूरी तरह से स्वस्थ बताया। पुलिस ने नवजात शिशु को मरने के लिए लावारिश छोड़ कर भागने वाली मां को 5 घण्टे के भीतर ढूंढ निकाला। पुलिस ने युवती को गिरफ्तार कर लिया है। उसके विरुद्ध आईपीसी की धारा 317 में केस दर्ज किया गया है।
हैरान कर देने वाली ये घटना राजधानी के छोटा शिमला थाना क्षेत्र की है।
मामले के अनुसार बिन ब्याही मां ने शनिवार तड़के अपने नवजात शिशु को मातृ-शिशु अस्पताल केएनएच के पास घास पर लावारिश हालत में छोड़ दिया और फरार हो गई। यह इलाका मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ओकओवर से सटा है। मुख्यमंत्री आवास की सिक्युरिटी में तैनात एक कर्मी जब वहां से गुज़र रहा था, तो उसे शिशु के रोने की आवाज़ सुनाई दी। नवजात शिशु को लावारिश हालत में पड़ा देखकर उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। एएसआई रंजना शर्मा के नेतृत्व में मौके पर पहुंची छोटा शिमला पुलिस ने आवश्यक जांच-पड़ताल कर शिशु को अपने कब्जे में लेकर आईजीएमसी अस्पताल ले जाकर प्राथमिक उपचार कराया। जहां चिकित्सकों ने नवजात को पूरी तरह से स्वस्थ बताया। चिकित्सकों ने पुलिस को बताया कि नवजात शिशु का कुछ घण्टे पहले जन्म हुआ है। अगर पुलिस समय पर शिशु को अस्पताल नहीं पहुंचाती तो उसका बचना मुश्किल था।
रंजना शर्मा की टीम ने शिशु को लावारिश छोड़ने वाली मां की तलाश शुरू कर दी। घटनास्थल पर बिखरे खून के धब्बों के जरिये पुलिस आरोपित के घर तक पहुंच गई। अपने सामने पुलिस को खड़ा देख आरोपी महिला के होश उड़ गए। पुलिस ने युवती को गिरफ्तार कर लिया है।


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