शिमला। हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ ने न्यू पे कमीशन को सही तरीके से लागू करने में विफल होने के आरोप लगाए हैं।महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार ने शिमला में पत्रकार वार्ता कर सरकार पर कर्मचारी विरोधी होने के आरोप लगाए और सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अराजपत्रित कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अश्विनी ठाकुर की नियुक्ति को भी असंवैधानिक करार दिया।
विनोद कुमार ने कहा कि सरकार ने पहले ही न्यू पे कमीशन को देरी से लागू किया और अब इसमें कर्मचारियों को उलझा दिया है।जिसके चलते कर्मचारियों में सरकार के प्रति भारी रोष है।पे कमीशन को 31 दिसंबर 2015 के बाद
2.59 के फैक्टर के साथ सभी कर्मचारियों को लगाया जाना चाहिए था और अगर उसके बाद कोई विसंगति निकलती है तो उसको दूर करने के लिए वित्त सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जाना चाहिए।
विनोद ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियो के जेसीसी को एक ब्यक्ति विशेष तक सीमित।किया
उनका कहना था कि जेसीसी पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने दी थी लेकिन इस बार जेसीसी को नए तरीके से किया जो सवैधानिक नही है
महासंघ अध्यक्ष विनोद कुमार ने सरकार से जल्द कर्मचारियों के मसलों को हल करने का आग्रह किया है।

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