शिमला। द केरला स्टोरी फ़िल्म के ट्रेलर के साथ उठे बवाल और फ़िल्म पर लगे धर्म और प्रोपागेंडा के आरोपों के बीच पश्चिम बंगाल में जहां द केरला स्टोरी फ़िल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई तो वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में फ़िल्म को टैक्स फ्री कर दिया गया । इस फ़िल्म पर उठे सियासी बवाल के बीच वैश्विक परेशानी की झलक दिखलाती द केरल स्टोरी फ़िल्म कहीं न कहीं अपने दर्शक को जागृति की ओर ले जाती है ।
इसी बीच नोफल संस्था अध्यक्ष गुरमीत सिंह ने महिलाओं को जागृत करने के उद्देश्य से स्वयं के निजी खर्च पर राजधानी के संजौली और आरकेएमवी कालेज और आइजीएमसी गर्ल होस्टल की छात्राओं को द केरला स्टोरी फ़िल्म को निशुल्क देखने का अवसर प्रदान किया ।
शांत हिमाचल की होनहार बेटियां जब द केरला स्टोरी फ़िल्म देखकर सिनेमा हॉल से बाहर निकली तो महिला वर्ग के मुंह से भारत की हर लड़की को द केरला स्टोरी फ़िल्म देखनी चाहिए की ही बात निकली ।
द केरला स्टोरी देखने के बाद कोई जहां अपने बच्चों में संस्कारों को और सुदृढ़ता से सिखलाने, अपनी हर महत्वपूर्ण बात को पेरेंट्स से सांझा करने जैसी बातें कहता दिखा, तो किसी ने फ़िल्म में सच्चाई है तो इसे बहुत बड़ी घटना करार देकर फ़िल्म को ज्यादा से ज्यादा दिखाने जैसे विचार साझा किए।
वही नोफल संस्था अध्यक्ष गुरमीत सिंह का मानना है कि विपुल शाह द्वारा निर्मित और सुदिप्तो सेन द्वारा निर्देशित इस फ़िल्म के दृश्य अवलोकन के बाद यदि एक भी युवती सजग और जागृत होती है तो उनका इस फ़िल्म को निशुल्क दिखाए जाने के पीछे का उद्देश्य पूरा हो जाता है ।
बहरहाल सिनेमाहाल से बाहर निकले द केरला स्टोरी के दर्शक इस फ़िल्म के प्रदर्शन की खिलाफत से इनकार करते हैं ।


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