February 24, 2024

धाली स्कूल के नन्हें- मुन्नों के लिए आज भी खत्म नहीं हुआ कोविड काल ,स्कूल में नहीं है कोई भी नियमित अध्यापक किसान सभा ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र।

शिमला।
कसुंपटी विधानसभा क्षेत्र की पीरन पंचायत के धाली स्कूल के बच्चों के लिए कोविड काल अभी भी चल रहा है। दो साल कोविड के कारण प्रभावित हुई बच्चों की पढ़ाई आज भी उसी गति से चल रही है जैसी पिछले दो सालों में चल रही थी। पिछले 6 महीनों से स्कूल में कोई नियमित अध्यापक नहीं है। एक-एक हफ्ते के लिए अध्यापकों की अस्थाई नियुक्ति की जाती है जबकि नियमानुसार 60 से अधिक छात्रों वाले स्कूल में कम से कम 3 अध्यापक होने चाहिए। इससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। स्कूल में गरीब और दलित परिवारों के 62 बच्चे पढ़ते हैं।
शिक्षा की इस दुर्दशा से आहत हिमाचल किसान सभा के राज्याध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर ने आज मुख्यमंत्री को इस बारे में पत्र लिखकर समस्या के तुरंत समाधान की अपील की। डॉ. तंवर ने वीडियो के माध्यम से भी अपील की है।

डॉ. तंवर ने खेद जताते हुए कहा कि उन्हें ये मुद्दा सांझा करते हुए बहुत पीड़ा हो रही है और व्यवस्था के प्रति आक्रोश भी है। उन्होंने कहा कि पीड़ा इसलिए है कि गरीब और दलित समुदाय के बच्चों का भविष्य दांव पर है और आक्रोश इस बात पर है कि न तो सरकार, न विधायक और न ही शिक्षा विभाग को इस समस्या से कोई सरोकार है।
डॉ. तंवर ने कहा कि बच्चों के बैठने के लिए भी उचित व्यवस्था नहीं है। स्कूल में तीन कमरे हैं जिनमें से एक कमरा स्कूल स्टाफ के लिए है और दो कमरों में बच्चे बिठाए जाते हैं। स्कूल भवन की हालत ऐसी है कि जिस बरामदे में बच्चे पढ़ते हैं वहां पिछले 8 मार्च को एक पिल्लर ही गिर गया। डॉ. तंवर ने कहा कि गनीमत रही कि उस समय बच्चे वहां नहीं थे वर्ना बड़ा हादसा भी हो सकता था।
उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि शिक्षा विभाग इस समस्या से अनभिज्ञ है। पिल्लर गिरने के हादसे के बाद हिमाचल किसान सभा, एसएमसी और पंचायत प्रतिनिधियों ने शिक्षा विभाग को इन समस्याओं से अवगत करवाया था। मगर विभाग ने इसे अनदेखा करके इसका कोई संज्ञान नहीं लिया।
डॉ. तंवर ने कहा कि धाली स्कूल मल्टी टास्क वर्कर की नियुक्ति से भी वंचित रहा क्योंकि विभाग का तर्क था कि ढली और धाली में भ्रम हो गया था।
डॉ. तंवर ने सवाल उठाया कि जिसकी आवाज़ नहीं, जो गरीब है, जो समाज में वंचित है तो क्या उसकी कभी भी, कहीं भी कोई सुनवाई नहीं होगी?
उन्होंने मुख्यमंत्री से एक सप्तह के अंदर स्कूल में नियमित आधार पर अध्यापक की नियुक्ति, स्कूल के लिए मल्टी टास्क वर्कर की नियुक्ति और भवन की मुरम्मत करवाने के लिए शिक्षा विभाग को निर्देश देने की अपील की।

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