शिमला :प्रदेश में सेब सीजन शुरू हो गया है।ऐसे में बागवानों को परेशानी का सामना ना करना पड़े इसके लिए एपीएमसी ने सेब को प्रमोट करने के लिए निजी कंपनियों को प्रमोट करेगी । जिसे बागवानों को सेब बेचने में परेशानी न हो । यह जानकारी एपीएमसी शिमला किन्नौर के अधयक्ष नरेश शर्मा ने रविवार को दी । उन्होंने कहा कि निजी कंपनियों एमेजॉन , रिलाइंस से भी संपर्क किया गया है और वह इस बार ट्रायल बेस पर सब्जी व सेब खरीदेंगे ।।
उनका कहना था कि इसका लाभ यह होगा कि बागवानों को आढ़तियों के चक्कर नही काटने पड़ेंगे ओर बागवान को सेब बेचने में परेशानी नही होगी । यही नही सभी मंडियों को ऑनलाइन किया गया है । रोहडू में 20 करोड़ के लागत से फल मंडी का निर्माण किया जा रहा है वही प्राला मंडी का भी विस्तार किया जा रहा है । शिलारू में एक 20 करोड़ की लागत से मंडी बनाई जा रही है ।
उनका कहना था कि बागवानों को लाभ पहुचाने के लिए शिमला ओर किन्नौर में 138 करोड़ से काम किया जा रहा है जिससे बागवानों को परेशानी न उठानी पड़े । 6 करोड़ सेब के पेकिंग के लिए रखे गए है .
करेट का 1 अगस्त से शुरु होगा ट्रायल ।
बागवानों को सेब पेकिंग के लिए कार्टन बहुत महंगा पड़ता है ऐसे में एपीएमसी ने बागवानों को राहत देने के लिए करेट सिस्टम शुरू करेगा जिसकी कीमत 80 से 90 रुपय है लेकिन 50 फीसदी एपीएमसी देगा जिससे यह बागवानों को 45 रुपय के लगभग ही पड़ेगा ।
बेरियर पर मार्किट फीस ली तो होगी एफआईआर ।
नरेश शर्मा ने बताया कि सभी बेरियर पर एपीएसमी के काउंटर रहेंगे । खासकर शोघी बेरियर पर पुलिस चौकी के । साथ एपीएमसी के काउंटर रहेंगे।अगर किसी बागवान के पास मान्य दस्तावेज होंगें तो उससे कोई भी मार्किट पीस नही ले सकता है अगर कोई किसी प्रकार की फीस लेता है तो उसके खिलाफ मामला दर्ज करवाया जाएगा ।


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