शिमला। पीएम मोदी की पंजाब में सुरक्षा में हुई चूक को लेकर भाजपा हमलावर हो गई है और इसे साजिश करार दिया जा रहा है। बुधवार को शिमला में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पत्रकार वार्ता कर पंजाब कांग्रेस सरकारपर जम कर निशाना साधा ओर कहा कि पंजाब में पीएम की सुरक्षा से समझौता कोई संयोग नहीं था. बल्कि सोची समझी साजिश थी. यह एक स्पॉन्सर घटना थी. जिसका खुलासा सबके सामने आ गया है. यहां पर बात सामने आ गई है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक बहुत बड़ी लापरवाही और मिलीभगत के कारण हुआ है. सीएम जयराम ने शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस कहा कि केंद्रीय एजेंसियों की तरफ से प्रधानमंत्री की रूट को लेकर पहले से संदेह जताया गया था, लेकिन पंजाब सरकार ने कोई कदम नहीं उठाए. जयराम ठाकुर ने कहा जब प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री का रास्ता रोका हुआ था. तो प्रदर्शनकारी चाय पी रहे हैं और पुलिस वालों को भी चाय दे रहे थे। जयराम ठाकुर ने कहा कि सीआईडी की तरफ से 2 जनवरी से ही प्रदेश सरकार को कई बार बताया जा चुका था. डीएसपी पंजाब सरकार को कई बार अलर्ट किए गए थे, लेकिन पंजाब सरकार की तरफ से कोई भी अपेक्षाकृत कदम नहीं उठाया. जयराम ठाकुर ने कहा कि पंजाब सरकार को यह भी सूचना थी कि खालीस्तानी गुट भी उन दिनों सक्रिय था. मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 जनवरी को पंजाब में प्रधानमंत्री के आने का शेड्यूल निश्चित था. उस दिन पंजाब राज्य के लिए 46 हजार करोड़ के उद्घाटन और शिलान्यास होने से पंजाब के लिए बेहद महत्वपूर्ण था, लेकिन भारत के इतिहास में पहली बार अप्रिय घटना घटित हुई. सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है. प्रधानमंत्री कीU किसी भी राज्य की यात्रा के दौरान कार्यक्रम स्थल यात्रा के दौरान जब तक प्रधानमंत्री वापस रवाना नहीं होते, तब तक पूरी जिम्मेदारी सरकार की होती है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की यात्रा का पूरा कार्यक्रम प्रदेश सरकार को भेजा था. उसी अनुसार प्रधानमंत्री कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुए थे, लेकिन रोड पर बहुत बड़ी कमी प्रदेश सरकार द्वारा देखी गई.

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