शिमला – मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य के विकास और जनकल्याण को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि सरकार गरीब परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देगी और 27,000 घर चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही दिव्यांगजनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता में भी बढ़ोतरी की गई है, जिससे समाज के कमजोर वर्ग को राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के हितों से जुड़े मुद्दों पर केंद्र की RDG नीति में अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने बताया कि अगर प्रदेश को 8000 करोड़ रुपये की RDG सहायता मिलती, तो बजट और अधिक जनहितकारी हो सकता था। बावजूद इसके, सरकार ने सीमित संसाधनों में भी बेहतर काम करने का प्रयास किया है और लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के वित्तीय दबाव के बीच संतुलन बनाया है।
पेयजल व्यवस्था को लेकर भी बड़ा कदम उठाते हुए उन्होंने कहा कि अब RO सिस्टम के माध्यम से नगर निगम के जरिए स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही सरकार ने अपनी सोच को विस्तार देते हुए स्वास्थ्य और शिक्षा को प्राथमिकता में रखा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 19 साल पुरानी MRI मशीनों को बदलकर आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार हुआ है।
भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीन आधुनिक शहर बसाने की योजना पर काम चल रहा है, जिसमें “हिम चंडीगढ़” भी शामिल है। इसके लिए तीन स्थानों पर लगभग 10-10 बीघा जमीन चिन्हित की जा रही है। उनका मानना है कि इन नए शहरों से प्रदेश की आर्थिक प्रगति को गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान वित्तीय स्थिति को देखते हुए अधिकारियों के वेतन में अस्थायी कट लगाया गया है, लेकिन गरीब और आम वर्ग के लोगों पर किसी प्रकार का बोझ नहीं डाला गया है। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र को भी मजबूती देने की बात कही और कहा कि सरकार का उद्देश्य राजनीति नहीं बल्कि विकास है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल विरोध की राजनीति कर रही है, जबकि उनकी सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले 6 महीनों में हिमाचल आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाएगा।
शिमला से बड़ी घोषणा: 300 यूनिट फ्री बिजली, 27,000 घर और स्वास्थ्य-शिक्षा पर फोकस

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