October 15, 2026

शिमला में अशोक सिंघल जन्म शताब्दी वर्ष का शुभारंभ, राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने किया उनके योगदान को याद

 

शिमला। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) हिमाचल प्रदेश की ओर से श्रद्धेय अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थिएटर में किया गया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक प्रो. वीर सिंह रांगड़ा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर रामकृष्ण मिशन के स्वामी तन्महिमानंद महाराज का आशीर्वचन भी प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई। विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्र मंत्री लेखराज राणा ने कार्यक्रम की भूमिका प्रस्तुत करते हुए अशोक सिंघल के जीवन और उनके योगदान को याद किया।
कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. वीर सिंह रांगड़ा ने अशोक सिंघल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके सामाजिक और धार्मिक कार्यों का उल्लेख किया। वहीं, मुख्य वक्ता बजरंग लाल बागड़ा ने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में अशोक सिंघल की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल ने समरसता, वेद शिक्षा, संत समाज, गुरुकुल परंपरा और गौरक्षा जैसे विषयों पर कार्य करते हुए समाज में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
राज्यपाल ने अशोक सिंघल के योगदान को किया याद
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने अपने संबोधन में जन्मभूमि के प्रति कर्तव्यों, भारतीय संस्कारों और हिंदू समाज के लिए अशोक सिंघल द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन में अशोक सिंघल के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए उनके जीवन और कार्यों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ महिला कारसेवक श्रीमती राजदुलारी सूद और योगाचार्य विनोद को सम्मानित किया गया। विश्व हिंदू परिषद के प्रांत अध्यक्ष डॉ. केशव वर्मा ने कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं, अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों से आए लोगों का स्वागत किया।
कार्यक्रम का संचालन विहिप के प्रांत मंत्री एवं अधिवक्ता तुषार डोगरा ने किया। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद, मातृशक्ति, दुर्गा वाहिनी, राष्ट्रीय सेविका समिति, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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